फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Ayurvedic doctors boycott work, patients return empty handed

Almora News: आयुर्वेदिक डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार, मरीज बैरंग लौटे

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 11:01 PM IST
विज्ञापन
Ayurvedic doctors boycott work, patients return empty handed
अल्मोड़ा। संवर्ग ढांचे का पुनर्गठन समेत सात सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को आयुर्वेदिक चिकित्सक कार्य बहिष्कार पर रहे। इस कारण आयुर्वेदिक अस्पतालों में उपचार को पहुंचे मरीज बैरंग लौटे। उन्हें उपचार के लिए भटकना पड़ा।
विज्ञापन

जिला अस्पताल परिसर स्थित आयुष विंग में चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार से मरीज परेशान रहे। जिले के हवालबाग, लमगड़ा, भैंसियाछाना, धौलादेवी, ताकुला विकासखंडों से मरीज उपचार के लिए पहुंचे लेकिन कार्य बहिष्कार के कारण उन्हें बिना उपचार के लौटना पड़ा। इससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में हुई सभा में राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. कपिल शर्मा ने मोबाइल और बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करने की अनिवार्यता को गलत बताया। कहा कि पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में इंटरनेट की कमी से मोबाइल-आधारित और बायोमेट्रिक हाजिरी लगाना अव्यवहारिक है जिसे हटाया जाना चाहिए। उन्होंने 2024 बैच का स्थायीकरण करने, तीन वर्ष की पूर्णकालिक एवं पूर्ण वेतन सहित एमडी अध्ययन अवकाश देने, डीएसीपी तत्काल लागू करने, एसीपी का लाभ देने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने 15 जून से आयुर्वेदिक और यूनानी सेवा निदेशालय में धरना देने का ऐलान किया। धरना प्रदर्शन में भागीदारी के लिए अल्मोड़ा के चिकित्सकों का एक दल शनिवार शाम देहरादून के लिए रवाना हुआ। इसमें संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. कपिल शर्मा, सचिव अनुपमा त्यागी, उपाध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार, डॉ. पंकज वर्मा आदि शामिल रहे।

केस 01
आयुर्वेदिक चिकित्सक को दिखाने के लिए आया हूं लेकिन चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार पर होने से बिना उपचार के लौटना पड़ रहा है। अब उपचार के लिए दूसरे अस्पताल में जाना पड़ेगा। - नरेश कुमार, हवालबाग
केस 02-
उपचार के लिए आई थीं लेकिन अस्पताल पहुंच कर पता चला कि चिकित्सकों का कार्य बहिष्कार है जिसके चलते मुझे बिना उपचार के लौटना पड़ रहा है। - सरिता देवी, लमगड़ा
आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सकों ने किया देहरादून कूच
बागेश्वर। राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सकों का आंदोलन उग्र हो गया है। सात सूत्री मांगों को पूरा करने के लिए धरना देने पर सकारात्मक आश्वासन नहीं मिल सका। अब सेवा संघ ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार कर देहरादून कूच कर लिया है।

मोबाइल एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने के विरोध में चिकित्सक संघ का विरोध जारी है। विगत सोमवार को भी काली पट्टी बांधकर विरोध जताया था। विगत बृहस्पतिवार को भी जिले के चिकित्सकों ने आधे दिन तक ओपीडी सेवाओं का पूर्ण बहिष्कार किया था। कहा कि लंबी सेवा देने के बाद भी डॉक्टरों को एसीपी का लाभ नहीं दिया जा रहा है, बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मजबूर किया जाता है। इस व्यवस्था को समाप्त कराने के लिए और विभागीय रिक्त पदों को भरने आदि मांगों को पूरा करवाने की मांग की है। कूच करने वाले डॉ. एजल पटेल, डॉ. ईश्वर प्रकाश, पूजा वर्मा, डॉ. दीपक, डॉ. हेमा, डॉ. दिनेश, डॉ. पंकज, डॉ. पुष्कर आदि हैं। संवाद




विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed