फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Atack in LAC

एलएसी पर हुई झड़प से पूर्व सैनिक आक्रोशित कहा करारा जवाब दे भारत सरकार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2020 11:36 PM IST
विज्ञापन
Atack in LAC
रानीखेत (अल्मोड़ा)। लद्दाख के गलवां घाटी में सोमवार की रात एलएसी पर चीन और भारतीय सेना के बीच हुई झड़प के बाद पूर्व सैनिकों में भारी आक्रोश है। पूर्व सैनिकों का कहना है कि भारत सरकार को अब चीन को माकूल जवाब देने का वक्त आ चुका है। दोपहर में तनाव दूर करने को लेकर बातचीत होती है और रात में हिंसक झड़प को अंजाम दिया गया। इस झड़प में भारतीय सेना के तीन जांबाज भी शहीद हुए हैं। इधर गुरिल्ला संगठन का कहना है कि उन्होंने गुरिल्ला युद्ध का प्रशिक्षण लिया हुआ है सरकार चाहे तो वह भी युद्ध में सहयोग करेंगे।
विज्ञापन

पूर्व सैनिकों में सोमवार की रात एलएसी पर हुई घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अब वक्त 1962 का नहीं है। अब भारतीय सेना भी सशक्त बन चुकी है, ऐसे में चीन पर दबाव बनाना बेहद जरूरी है। चीन हमेशा से ही छद्मम का सहारा लेता आया है। पूर्व सूबेदार हरी सिंह नेगी का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर चीन वैसे भी पूरे विश्व में अलग थलग पड़ा हुआ है। सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और 1962 के युद्ध का माकूल जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में चीन अलग थलग पड़ा हुआ है। यह सही वक्त है कि निर्णायक कदम उठाते हुए चीन द्वारा कब्जाई गई भूमि को भी वापस लेना चाहिए। इसके लिए पूर्व सैनिक भी युद्ध में सहयोग करेंगे। पूर्व सैनिक शंकर दत्त बुधोड़ी ने भी चीन को माकूल जवाब देने की पैरवी की है। कहा कि चीन गलत हरकतों से बाज आने वाला नहीं है। सरकार को अब जवाब देना होगा। चीन की चालबाजी में आने की भी जरूरत कतई नहीं है। गुरिल्ला संगठन के एनएस रावत ने कहा कि गुरिल्लाओं ने प्रशिक्षण लिया हुआ है। ऐसे में युद्ध में उनकी जरूरत पड़ी तो वह भी सहयोग करने को तैयार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed