रानीखेत (अल्मोड़ा)। नगर की सील एरिया में पिछले एक माह से भी अधिक समय से सेवारत आशाओं को छह माह से मानदेय नहीं मिल सका है जबकि आजकल वह सील एरिया में प्रतिदिन छह से सात घंटे की ड्यूटी दे रही हैं। पांच अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद प्रशासन ने कुरेशियन मोहल्ला, सुदामापुरी, लोअर खड़ी बाजार को पूरी तरह से सील कर दिया। तीनों मोहल्ले तब से सील हैं। छह अप्रैल से लोगों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए 15 आशा वर्कर, एएनएम, दो डॉक्टर हैं। इसके बावजूद आशाओं को नवंबर 2019 से भुगतान नहीं मिला। इससे नाराज आशाओं ने बृहस्पतिवार को ड्यूटी से पहले शिव मंदिर के पास बैठक की। कहा कि यदि मानदेय का भुगतान शीघ्र नहीं किया गया तो आशा कार्यकर्ता आंदोलन करेंगी। बैठक में सरिता बेलवाल, गीता सजवान, विमला देवी, कुसुमलता जोशी, मीना आर्या, सरोज चौधरी, गरिमा साह, अल्का, मंजू चौधरी, दीपा आर्या, दीपा सती, नजमा, आशा सती, लीला रावत, जया जोशी, नीमा बिष्ट आदि थीं।