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अमेरिकी छोड़, डेलीसस पर जोर

Thu, 12 Feb 2015 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
ब्यूरो/अमर उजाला, रानीखेत (अल्मोड़ा)। Updated Thu, 12 Feb 2015 12:24 AM IST
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American left, with emphasis on delisasa

चौबटिया उद्यान में 2500 फलदार पौधे लगाए गए हैं। इसमें डेलीशस सेब, आडू़, प्लम और खुबानी के पेड़ों को वरीयता दी गई है। पांच साल में इन पेड़ों पर फल लग जाएंगे।

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चौबटिया उद्यान निदेशालय स्वदेशी डेलीशस सेब प्रजाति के लिए मशहूर रहा है। बाहर से आने वाले अधिकांश पर्यटक भी सेब बागान को देखने के लिए जाते थे। इससे नगर का पर्यटन व्यवसाय बढ़ता था, लेकिन 2005-06 में मुनाफे के लिए स्वदेशी डेलीशस प्रजाति के पुराने पेड़ काटकर अमेरिकी सेब प्रजाति के पेड़ विकसित किए गए, लेकिन इस प्रजाति ने उद्यान की लुटिया डुबो दी, इससे न सिर्फ सेब उत्पादन सिमट गया, वरन पर्यटन व्यवसाय भी प्रभावित हुआ।
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दिसंबर-2014 में विभाग ने अब उद्यान में खाली पड़ी भूमि पर सेब की डेलीशस, स्पर, सुपर चीफ प्रजाति के अलावा आडू, प्लम, खुबानी जैसे फलदार पेड़ भी लगाने का निर्णय लिया। 25 हजार फलदार पौधे लगाए जाने हैं। 

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