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ऑटोमोबाइल उद्योग में मंदी से अल्मोड़ा मैग्नेसाइट कंपनी संकट में

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 18 Oct 2019 11:12 PM IST
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Almora magnesite company in crisis due to recession in automobile industry
Almora magnesite company in crisis due to recession in automobile industry - फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। ऑटोमोबाइल उद्योग में चल रही मंदी के चलते डेड बर्न मैग्नेसाइट का उत्पादन करने वाली अल्मोड़ा मैग्नेसाइट लि. कंपनी को भी झटका लगा है। देश के विभिन्न उद्योगों में मैग्नेसाइट की मांग घट जाने से कंपनी का उत्पादन करीब 40 प्रतिशत कम हो गया है। कंपनी की दो धनमभट्टियों में से एक को बंद कर दिया गया है।
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अल्मोड़ा मैग्नेसाइट लि. उत्तराखंड में मैग्नेसाइट उत्पादन करने वाली अकेली कंपनी है। संयुक्त क्षेत्र के इस उद्योग में सरकार, भारतीय इस्पात प्राधिकरण और टाटा रिफैक्ट्रीज की पूंजी लगी है। कंपनी का मुख्यालय अल्मोड़ा में स्थित है और फैक्ट्री बागेश्वर जिले के झिरौली क्षेत्र में स्थित है। झिरौली इलाके में ही मैग्नेसाइट की खानें हैं और कंपनी को शुरू से ही यहां खनन की अनुमति है। कुमाऊं कमिश्नर कंपनी के पदेन चेयरमैन हैं। करीब 48 साल पुराने इस उद्योग में इस समय 310 नियमित कर्मचारी हैं जबकि 60 से अधिक लोग सहकारिता के आधार पर रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। इस उद्योग की खासियत यह है कि इसमें 90 प्रतिशत कर्मचारी स्थानीय (बागेश्वर जिले के) हैं। इस कंपनी में उत्पादित माल मुख्य रूप से स्टील एथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) द्वारा खरीदा जाता है।
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अन्य उत्पादों की बिक्री कर घाटे से उबरने में सफल रही
अल्मोड़ा। स्थापना के बाद दो-तीन दशकों तक इस मैग्नेसाइट कंपनी की स्थिति काफी अच्छी थी। बाद में सरकार की नीतियों में परिवर्तन होने से चीन से सस्ते दामों में मैग्नेसाइट आने लगा जिससे यह कंपनी घाटे में आ गई। पिछले चार-पांच सालों से कंपनी ने लागत को कम करने के साथ ही कच्चे माल से जुड़े अन्य उत्पादों की बिक्री करके विपरीत परिस्थितियों में भी घाटे की स्थिति से उबरने में सफलता हासिल की और 2017-18 में कंपनी ने तीन करोड़ रुपये मुनाफा कमाया लेकिन 2018-19 में मुनाफा घटकर 70 लाख रुपये आ गया।
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नफा-नुकसान बराबर रहने का अनुमान
अल्मोड़ा। करीब 370 लोगों को रोजगार देने वाला यह उद्योग पिछले साल 70 लाख रुपये मुनाफे में था लेकिन इस बजट वर्ष में कंपनी का नफा-नुकसान बराबर रहने का अनुमान है। अगर आगे हालत नहीं सुधरे तो अगले साल कंपनी का घाटा बढ़ सकता है।
उत्पादन घटकर पांच सौ से आठ सौ मीट्रिक टन पहुंचा
कंपनी के प्रबंध निदेशक मुकेश शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ समय से ऑटोमोबाइल उद्योग में मंदी के कारण मैग्नेसाइट की मांग काफी घट गई है। अप्रैल से पहले जहां प्रतिमाह 1200 से 1400 मीट्रिक टन उत्पादन होता था वह घटकर प्रतिमाह 500 से 800 मीट्रिक टन पहुंच गया है। घाटे को कम करने के लिए कंपनी ब्रिक्स उत्पादन का काम भी शुरू करने जा रही है। साथ ही कंपनी ने खनन के लिए कुछ नई लीज के लिए भी आवेदन किया है लेकिन फिलहाल इसकी अनुमति शासन स्तर पर अटकी है।

स्टील बनाने के काम आता है डेड मैग्नेसाइट-
अल्मोड़ा मैग्नेसाइट कंपनी में उत्पादित होने वाला डेड बर्न मैग्नेसाइट उच्च तापरोधी होता है, जो कि स्टील बनाने में काम आता है। स्टील बनाने वाली भट्टियों की दीवारें इसी से बनती हैं। क्योंकि यह 2800 डिग्री तापमान पर भी नहीं पिघलता।
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