फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Ad Harish Joshi Almora

जन आंदोलनों में शामिल साथियों के मुकदमे बिना फीस के लड़ते थे जोशी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2020 11:54 PM IST
विज्ञापन
Ad Harish Joshi Almora
अल्मोड़ा। वरिष्ठ अधिवक्ता और सांई मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हरीश चंद्र जोशी के निधन पर कई संगठनों ने शोक जताया है। उत्तराखंड लोक वाहिनी की शोकसभा में वरिष्ठ अधिवक्ता जगत रौतेला ने कहा कि छात्र जीवन में डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट के सानिध्य में रहने के कारण उनकी जनांदोलनों में बड़ी भूमिका रही। वह उत्तराखंड संघर्ष वाहिनी के संस्थापक सदस्य रहे। वह जनांदोलनों में शामिल साथियों के मुकदमे मुफ्त लड़ते थे। शोकसभा में वाहिनी के महासचिव पूरन चंद्र तिवारी, दयाकृष्ण कांडपाल, जंगबहादुर थापा, अजय मित्र, हरीश मेहता, जय मित्र, रेवती बिष्ट, सुशीला धपोला, कुणाल तिवारी, अजय मेहता, हारिस मोहम्मद आदि थे।
विज्ञापन

बेतालेश्वर मंदिर सेवा समिति की शोकसभा में सूरज साह, दिनेश गोयल, मनोज वर्मा, हरीकृष्ण कपूर, कृष्ण मुरारी अग्रवाल, अभय साह, मनोज साह, नवनीत बिष्ट, मदन बिष्ट, राजेंद्र बिष्ट, कुंदन बिष्ट, हरीश सतवाल, कमलेश जोशी, कैलाश जोशी, राजेंद्र कनवाल, दीप जोशी, हेमंत रावत आदि थे। जिला बार एसोसिएशन की शोकसभा में उपाध्यक्ष कुंदन लटवाल, केवल सती, जगत रौतेला, महेश चंद्र, डीके जोशी, जगदीश तिवारी, बृजेश साह, कृष्ण बिष्ट, डीडी शर्मा, गोकुल जोशी, पंकज लटवाल, गोपाल साह, हरीश लोहनी, चंद्रा आर्या, पंकज आर्या, खीमपाल मेहता आदि थे। सांसद प्रतिनिधि मोती लाल वर्मा, गोरखा समाज सुधार समिति के जंगबहादुर थापा समेत गोविंद वर्मा, दीपक वर्मा, अजीत कार्की, मनोज सनवाल, मनोज वर्मा, वैभव पांडे, करन साह, अमरनाथ नेगी, दर्शन रावत, ललित लटवाल, कैलाश गुरुरानी, परितोष जोशी, राजेंद्र तिवारी, दीप लाल शाह, आनंदबल्लभ जोशी, दीपक साह, सुशील साह, कांची वर्मा, पंकज कांडपाल ने भी शोक जताया।
विज्ञापन

मेघनाद के पुतले से शहर में दशहरा महोत्सव शुरू किया था जोशी ने : तिवारी
अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने भी हरदा के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि हरदा अल्मोड़ा में आकर्षक मेघनाद के पुतले से आज के दशहरा महोत्सव शुरू करने वाले मुख्य लोगों में थे। शहर में एडम्स के पास सांई भगवान मंदिर के निर्माण में उनकी प्रमुख भूमिका रही है। आपातकाल से नशा नहीं रोजगार दो आंदोलन के दौर तक उनके घर में हमेशा हमारा आना जाना रहता था। उनके घर (चेंबर) में उत्तराखंड संघर्ष वाहिनी की बैठक होती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed