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दुर्गम क्षेत्रों से गर्भवती महिलाओं को डोली में लाने पर मिलेगी दोगुनी राशि
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अल्मोड़ा। पहाड़ों में सड़क विहीन दुर्गम इलाकों से गर्भवती महिलाओं को मुख्य मार्ग या अस्पताल तक डोली से लाने वालों को अब पहले की अपेक्षा दोगुनी कर दी जा रही है। अब तक योजना के तहत गर्भवतियों को अस्पताल लाने में एक हजार रुपये मिलते थे। अब इसके लिए दो हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
पहाड़ों के सुदूर क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाती हैं। गर्भवती महिलाओं को कई बार समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्रदेश सरकार की ओर से पर्वतीय क्षेत्रों में मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में हो रहीं दिक्कतों को दूर करने के लिए ‘डोली योजना’ नाम से एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की थी।
मातृ-शिशु मृत्यु दर को रोकने के उद्देश्य से बनी योजना से दुर्गम क्षेत्रों में मरीजों को 108 आपातकालीन सेवा की तर्ज पर सुविधा देकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाना है। श्रमिक, ग्रामीण या कोई भी व्यक्ति डोली के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए सुदूर क्षेत्रों से अस्पताल या मोटरमार्ग तक पहुंचाते हैं तो उन्हें योजना के तहत धनराधि दी जाती है।
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अब इस धनराशि को दोगुना कर दिया गया है। ऐसे मामलों में गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचाने पर दो हजार रुपये की राशि दी जाएगी। एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक दीपक भट्ट ने बताया कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को प्रसव करवाने के लिए डोली के माध्यम से अस्पताल लाया जाता है। डोली से अस्पताल लाने वालों को योजना के तहत पूर्व में एक हजार रुपये दिए जाते थे, इस साल से डोली योजना में दोगुनी बढ़ोतरी की गई है। अब उन लोगों को दो हजार रुपये धनराशि दी जा रही है।
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पहाड़ों के सुदूर क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाती हैं। गर्भवती महिलाओं को कई बार समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्रदेश सरकार की ओर से पर्वतीय क्षेत्रों में मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में हो रहीं दिक्कतों को दूर करने के लिए ‘डोली योजना’ नाम से एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की थी।
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मातृ-शिशु मृत्यु दर को रोकने के उद्देश्य से बनी योजना से दुर्गम क्षेत्रों में मरीजों को 108 आपातकालीन सेवा की तर्ज पर सुविधा देकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाना है। श्रमिक, ग्रामीण या कोई भी व्यक्ति डोली के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए सुदूर क्षेत्रों से अस्पताल या मोटरमार्ग तक पहुंचाते हैं तो उन्हें योजना के तहत धनराधि दी जाती है।
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अब इस धनराशि को दोगुना कर दिया गया है। ऐसे मामलों में गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचाने पर दो हजार रुपये की राशि दी जाएगी। एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक दीपक भट्ट ने बताया कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को प्रसव करवाने के लिए डोली के माध्यम से अस्पताल लाया जाता है। डोली से अस्पताल लाने वालों को योजना के तहत पूर्व में एक हजार रुपये दिए जाते थे, इस साल से डोली योजना में दोगुनी बढ़ोतरी की गई है। अब उन लोगों को दो हजार रुपये धनराशि दी जा रही है।