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कुंवाली की 12 न्याय पंचायतों को राष्ट्रीय बैंक की शाखा का इंतजार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 27 Dec 2020 05:59 PM IST
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A population of 15 thousand waits for a nationalized bank branch
रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील के सुदूरवर्ती कुंवाली क्षेत्र में राष्ट्रीकृत बैंक की शाखा आज तक नहीं खुल सकी है। 1994 से लगातार क्षेत्र के लोग बैंक की शाखा खोलने के लिए संघर्षरत हैं। 2017 में विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की भी क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी थी। उस वक्त बैंक की शाखा खोलने का आश्वासन मिला था, जो आज तक पूरा नहीं हो लका है। 12 न्याय पंचायतों वाले इस क्षेत्र की आबादी लगभग 15 हजार है। बैंक के लिए लोगों को 15 से 30 किमी की दौड़ लगानी पड़ती है, जिस कारण बुजुर्ग पेंशनर परेशान रहते हैं।
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कुंवाली न्याय पंचायत के अंतर्गत मुझोली, भिटारकोट, दैना, नैड़ी, मल्यालगांव, ऐना, पागसा, धनखोली, कुलसीबी सहित कई गांव और तोक आते हैं लेकिन इस क्षेत्र में कहीं भी राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा नहीं है। सबसे पहले यहां 1994 में बैंक की शाखा खोलने की मांग उठी थी, तब से लगातार क्षेत्रवासियों का संघर्ष जारी रहा। बैंक के कार्यों के लिए लोगों को 15 किमी दूर मजखाली, 25 किमी दूर बग्वालीपोखर अथवा 30 किमी दूर रानीखेत आना पड़ता है।
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बता दें कि 2017 में 22 दिसंबर में विकास संघर्ष समिति और व्यापार संघ के बैनर तले लोग वृहद प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद लीड बैंक की तरफ से सर्वेयर भी पहुंचे थे और बैंक की शाखा खोलेन की बात कही थी लेकिन मामला अब तक ठंडे बस्ते में है। जिसके चलते स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सुदूरवर्ती क्षेत्र में बैंक की शाखा की जरूरत है।
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