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Almora News: रानीखेत में सड़क किनारे जंगल में लगी भीषण आग
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। विकासखंड ताड़ीखेत के पनियाली क्षेत्र के पास सड़क के ऊपर जंगल में शनिवार देर रात आग लग गई। आग तेजी से फैल रही थी जिससे आसपास के जंगल और क्षेत्र में खतरा बढ़ गया था।
सूचना मिलते ही फायर स्टेशन रानीखेत की टीम मौके पर पहुंची। फायर सर्विस यूनिट ने मौके पर पहुंचकर वाहन की होज रील के माध्यम से पंपिंग शुरू की और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से बड़ा नुकसान होने से बच गया। इस दौरान फायर सर्विस टीम में संदीप सिंह, राजकुमार, दिनेश, देवेंद्र, फायर वुमन लीला व निरू शामिल रहे।
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी गणेश चंद्र ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को तत्काल रवाना किया गया था। त्वरित कार्रवाई के चलते आग को समय रहते बुझा लिया गया जिससे किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की स्थिति नहीं बनी। उन्होंने लोगों से अपील की कि जंगल क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं से बचाव के लिए सतर्कता बरतें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना दें।
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धरमघर से कपकोट तक राख हो रही वन संपदा
बागेश्वर। जिले में बढ़ते तापमान के साथ ही वनाग्नि की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। धरमघर और कपकोट रेंज के दर्जनों जंगल आग की चपेट में हैं। धुआं उठने से जहां एक ओर पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है वहीं दूसरी ओर जंगली जानवरों का भी अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
धरमघर रेंज के होराली, दारसिंग और नाघरसाहू के जंगलों में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया है। कपकोट रेंज के चिरपतकोट, असों, जालेख, पोथिंग, चीरा बगड़, उत्तरौड़ा और रताइस के जंगल भी पिछले कई घंटों से धधक रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन तेज हवाओं और सूखे पत्तों के कारण लपटें बेकाबू हो रही हैं। धुंध के कारण घाटी वाले क्षेत्रों में दृश्यता भी कम हो गई है।
...कोट
गर्मी बढ़ने और बारिश न होने के कारण जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ी हैं। वन विभाग की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ आग बुझाने में जुटी हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में क्रू स्टेशनों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। ग्रामीणों से भी अपील है कि वे आग बुझाने में सहयोग करें और वनाग्नि फैलाने वालों की सूचना तत्काल विभाग को दें। -आदित्य रत्न, डीएफओ बागेश्वर
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सूचना मिलते ही फायर स्टेशन रानीखेत की टीम मौके पर पहुंची। फायर सर्विस यूनिट ने मौके पर पहुंचकर वाहन की होज रील के माध्यम से पंपिंग शुरू की और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से बड़ा नुकसान होने से बच गया। इस दौरान फायर सर्विस टीम में संदीप सिंह, राजकुमार, दिनेश, देवेंद्र, फायर वुमन लीला व निरू शामिल रहे।
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प्रभारी अग्निशमन अधिकारी गणेश चंद्र ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को तत्काल रवाना किया गया था। त्वरित कार्रवाई के चलते आग को समय रहते बुझा लिया गया जिससे किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की स्थिति नहीं बनी। उन्होंने लोगों से अपील की कि जंगल क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं से बचाव के लिए सतर्कता बरतें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना दें।
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धरमघर से कपकोट तक राख हो रही वन संपदा
बागेश्वर। जिले में बढ़ते तापमान के साथ ही वनाग्नि की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। धरमघर और कपकोट रेंज के दर्जनों जंगल आग की चपेट में हैं। धुआं उठने से जहां एक ओर पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है वहीं दूसरी ओर जंगली जानवरों का भी अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
धरमघर रेंज के होराली, दारसिंग और नाघरसाहू के जंगलों में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया है। कपकोट रेंज के चिरपतकोट, असों, जालेख, पोथिंग, चीरा बगड़, उत्तरौड़ा और रताइस के जंगल भी पिछले कई घंटों से धधक रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन तेज हवाओं और सूखे पत्तों के कारण लपटें बेकाबू हो रही हैं। धुंध के कारण घाटी वाले क्षेत्रों में दृश्यता भी कम हो गई है।
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गर्मी बढ़ने और बारिश न होने के कारण जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ी हैं। वन विभाग की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ आग बुझाने में जुटी हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में क्रू स्टेशनों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। ग्रामीणों से भी अपील है कि वे आग बुझाने में सहयोग करें और वनाग्नि फैलाने वालों की सूचना तत्काल विभाग को दें। -आदित्य रत्न, डीएफओ बागेश्वर