{"_id":"113-66700","slug":"Almora-66700-113","type":"story","status":"publish","title_hn":"अक्षम बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ेगी कैंट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अक्षम बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ेगी कैंट
Almora
Updated Wed, 20 Nov 2013 05:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रानीखेत। शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए छावनी परिषद ने सार्थक पहल करने का मन बनाया है। इस तरह के बच्चों को चिह्नित कर उनके लिए एक केंद्र की स्थापना की जाएगी। जिसमें बच्चों को आवश्यकतानुसार सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इस कार्य में लोक चेतना मंच भी कैंट को सहयोग करेगी।
कैंट के सीईओ प्रमोद कुमार सिंह ने योजना की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि समाज में मंदबुद्धि, शारीरिक रूप से कई बच्चे अक्षम हैं। छावनी परिषद ने ऐसे बच्चों के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की है। इस तरह के बच्चों को चिह्नित कर यहां केंद्र की स्थापना की जाएगी। जिसमें बच्चों को खिलौने, उपकरण आदि उपलब्ध कराए जाएंगे। आवश्यकतानुसार बच्चों के स्वास्थ्य का भी परीक्षण होगा। बाहर से प्रशिक्षक बुलाकर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। पहले दिन नगर क्षेत्र से सात बच्चे चयनित किए गए। यह सुविधा अभी केवल 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए निर्धारित की गई है। एक माह के भीतर योजना को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। लोक चेतना मंच के सहयोग से यह कार्य होगा। संस्था के निदेशक राज्य वानिकी पुरस्कार से सम्मानित जोगेंद्र बिष्ट ने भी इस विषय में सीईओ को संपूर्ण जानकारी दी है। वृद्धजन और बेरोजगार युवाओं के मार्गदर्शन को भी भविष्य में योजना बनाई जाएगी।
विज्ञापन
कैंट के सीईओ प्रमोद कुमार सिंह ने योजना की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि समाज में मंदबुद्धि, शारीरिक रूप से कई बच्चे अक्षम हैं। छावनी परिषद ने ऐसे बच्चों के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की है। इस तरह के बच्चों को चिह्नित कर यहां केंद्र की स्थापना की जाएगी। जिसमें बच्चों को खिलौने, उपकरण आदि उपलब्ध कराए जाएंगे। आवश्यकतानुसार बच्चों के स्वास्थ्य का भी परीक्षण होगा। बाहर से प्रशिक्षक बुलाकर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। पहले दिन नगर क्षेत्र से सात बच्चे चयनित किए गए। यह सुविधा अभी केवल 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए निर्धारित की गई है। एक माह के भीतर योजना को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। लोक चेतना मंच के सहयोग से यह कार्य होगा। संस्था के निदेशक राज्य वानिकी पुरस्कार से सम्मानित जोगेंद्र बिष्ट ने भी इस विषय में सीईओ को संपूर्ण जानकारी दी है। वृद्धजन और बेरोजगार युवाओं के मार्गदर्शन को भी भविष्य में योजना बनाई जाएगी।
विज्ञापन