फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   9th century Shiva temples located in Bamansuyal village will be developed as religious tourist destination

अल्मोड़ा: पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होंगे नौवीं शताब्दी के दुर्लभ शिव मंदिर, 69 लाख रुपये से सहेजे जाएंंगे

Fri, 29 Sep 2023 01:10 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 29 Sep 2023 01:10 PM IST
सार

अल्मोड़ा के बमनसुयाल स्थित नौवीं शताब्दी के ऐतिहासिक त्रिनेत्रेश्वर महादेव एवं एकादश रुद्र मंदिर समूह के झुके पांच मंदिर जल्द अपने वास्तविक स्वरूप में लौटेंगे।  69 लाख रुपये से इन झुके हुए मंदिरों को सहेजा जाएगा। 

विज्ञापन
9th century Shiva temples located in Bamansuyal village will be developed as religious tourist destination
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

धौलादेवी विकासखंड के बमनसुयाल स्थित नौवीं शताब्दी के ऐतिहासिक त्रिनेत्रेश्वर महादेव एवं एकादश रुद्र मंदिर समूह के झुके पांच मंदिर जल्द अपने वास्तविक स्वरूप में लौटेंगे। पुरातत्व विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। 69 लाख रुपये से इन झुके हुए मंदिरों को सहेजा जाएगा। सौंदर्यीकरण के उपरांत पौराणिक मंदिरों के आसपास के क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

विज्ञापन

अल्मोड़ा को सांस्कृतिक नगरी यूं ही नहीं कहा जाता है। यहां सैकड़ों साल पुराने, दुर्लभ और ऐतिहासिक मंदिरों की पूरी श्रृखला है। इन्हीं में से एक है बमनसुयाल गांव में नौवीं शताब्दी के 16 दुर्लभ शिव मंदिरों का अनूठा समूह त्रिनेत्रेश्वर महादेव और एकादश रुद्र मंदिर। इस मंदिर समूह में आठ से अधिक मंदिर ऐसे हैं जो समय के साथ झुक गए हैं और इनके अस्तित्व संकट में है। पुरातत्व विभाग जल्द ही पहले चरण में पांच मंदिरों को सहेजकर इन्हें वास्तविक स्वरूप में लौटाएगा। इस कार्य में 69 लाख रुपये खर्च होंगे। इन मंदिरों को वास्तविक शैली में लाया जाएगा। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

जागेश्वर मंदिर समूह से मिलते-जुलते हैं मंदिर

बमनसुयाल स्थित त्रिनेत्रेश्वर महादेव एवं एकादश रुद्र मंदिर समूह में 16 मंदिर स्थापित हैं जो विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर स्थित मंदिर समूहों से काफी मिलते-जुलते हैं। इन मंदिरों को जागेश्वर मंदिर समूह की तरह ही सहेजा जाएगा।

विज्ञापन

प्रचार-प्रसार नहीं होने से बदहाल हैं मंदिर

दुर्लभ त्रिनेत्रेशवर महादेव मंदिर एवं एकादश रुद्र मंदिर का प्रचार-प्रसार नहीं होने से इस क्षेत्र का विकास नहीं हुआ है। यही वजह है कि पर्यटक भी यहां नहीं आते हैं। पर्यटकों को इस अनूठे मंदिर की जानकारी नहीं होने से उनकी यहां आवाजाही कम रहती है। अब पुरातत्व विभाग ने इन मंदिरों को विशेष पहचान दिलाने की पहल शुरू की है।

अल्मोड़ा के क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मंदिर समूह के पांच मंदिरों को रिसेट कर इन्हें वास्तविक शैली में लौटाया जाएगा। मंदिर स्थल को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जाएगा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed