{"_id":"5c06b05cbdec224168292149","slug":"91543942236-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवासीय विवि की प्लास्टिक की जगह हर्बल बोतलें बनाने की योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आवासीय विवि की प्लास्टिक की जगह हर्बल बोतलें बनाने की योजना
Updated Tue, 04 Dec 2018 10:20 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। उत्तराखंड आवासीय विवि में प्लास्टिक के स्थान पर हर्बल बोतल तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। विवि की एक टीम इसके लिए शोध में जुटी है। इसके लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बंगलूरू के वैज्ञानिकों की भी मदद ली जा रही है और प्रदेश सरकार ने इस परियोजना से संबंधित प्रयोगशाला के लिए 50 लाख रुपये मंजूर कर दिए हैं।
आवासीय विवि के कुलपति प्रो.एचएस धामी ने पत्रकारों को बताया कि प्लास्टिक की जगह हर्बल बोतल तैयार करने के लिए शोध पर काम काफी आगे बढ़ गया है और जल्द ही इसमें सफलता मिलने की उम्मीद है। इसके लिए कुछ जरूरी प्रयोग किए जाने हैं। इसके लिए ग्राफी सिंथेसिस लैब स्थापित की जा रही है।
लैब के लिए सरकार ने 50 लाख रुपये मंजूर कर दिए हैं। पहाड़ में उपलब्ध हर्बल का प्रयोग करके इस तरह की बोतलें तैयार की जाएंगी। यह प्रयोग सफल रहा तो इसके बाद प्लास्टिक की बोतलों के स्थान पर हर्बल बोतलें ही प्रयोग में लाई जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
आवासीय विवि के कुलपति प्रो.एचएस धामी ने पत्रकारों को बताया कि प्लास्टिक की जगह हर्बल बोतल तैयार करने के लिए शोध पर काम काफी आगे बढ़ गया है और जल्द ही इसमें सफलता मिलने की उम्मीद है। इसके लिए कुछ जरूरी प्रयोग किए जाने हैं। इसके लिए ग्राफी सिंथेसिस लैब स्थापित की जा रही है।
विज्ञापन
लैब के लिए सरकार ने 50 लाख रुपये मंजूर कर दिए हैं। पहाड़ में उपलब्ध हर्बल का प्रयोग करके इस तरह की बोतलें तैयार की जाएंगी। यह प्रयोग सफल रहा तो इसके बाद प्लास्टिक की बोतलों के स्थान पर हर्बल बोतलें ही प्रयोग में लाई जाएंगी।
विज्ञापन