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पटाल बाजार का पुराना स्वरूप कब होगा बहाल ! 15-06-48

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 06 Jan 2019 10:26 PM IST
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पटाल बाजार का पुराना स्वरूप कब होगा बहाल ! 15-06-48
अल्मोड़ा। नगर पालिका परिषद की अल्मोड़ा शहर के मुख्य पटाल बाजार में स्थानीय पत्थर की खानों ने निकलने वाले पटाल बिछाने की योजना है, ताकि बाजार के प्राचीन स्वरूप पुन: लौटाया जा सके। पांच साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने इस कार्य को स्वीकृति भी दी थी, लेकिन अब तक पटाल बाजार में स्थानीय पत्थर नहीं बिछाए जा सके हैं।
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शहर का मुख्य बाजार मिलन चौक से पल्टन बाजार तक करीब डेढ़ किमी लंबा है। नगर की स्थापना के समय से ही इस बाजार में स्थानीय खानों से निकले पत्थर की पटालें बिछाई गई थीं। पटालें कई स्थानों पर टूटकर खराब हो गई थीं। इसे देखते हुए पालिका ने करीब डेढ़ दशक पहले इन पटालों को हटाकर कोटा स्टोन बिछा दिया था। कोटा स्टोन भी कई स्थानों पर घिसकर फिसलन भरा हो गया है। पूर्व में कई लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं। हालांकि पालिका ने पटालों में कुछ खुरदुरा जरूर बनाया है।
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नागरिक लंबे समय से इस बाजार के परंपरागत स्वरूप को पुन: बहाल करने के लिए स्थानीय पत्थर के पटाल बिछाने की मांग करते आ रहे है। लोगों की मांग पर तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने 10 सितंबर 2013 को खूंट आगमन पर नगर में पटाल मार्ग निर्माण की स्वीकृति दी थी, परंतु अब तक मुख्य बाजार में स्थानीय पत्थर के पटाल नहीं बिछाए जा सके हैं।
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पालिका ने स्थानीय पटालों की उपलब्धता की जानकारी के लिए पूर्व में निविदा भी आमंत्रित की थी, ताकि पटाल मिलने की स्थिति में सरकार से बजट मंजूर कराया जा सके। पर स्थानीय पटालों के उपलब्ध नहीं होने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। - प्रकाश चंद्र जोशी, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद अल्मोड़ा।
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