{"_id":"5b0d93c34f1c1b996e8b566d","slug":"81527616451-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" तीन वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा
Updated Wed, 30 May 2018 12:02 AM IST
विज्ञापन
court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट संजीव कुमार ने फर्जी बीटीसी प्रमाण पत्र के आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वाले शिक्षक बिजेंद्र कुमार को धारा 420, 471 के तहत तीन वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। बता दें कि अभियुक्त 17 अक्तूबर 2016 से जेल में है।
शिकायतकर्ता जैनब जूनियर हाईस्कूल मुरादाबाद में तैनात शिकायतकर्ता की ओर से आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में पता चला कि बिजेंद्र कुमार पुत्र तिरमल सिंह निवासी गांव किशना रामपुर परगना स्योहारा, तहसील धामपुर, जिला बिजनौर (उप्र) के बीटीसी प्रमाण पत्र फर्जी हैं। इस पर सूचना आयोग ने रजिस्ट्रार परीक्षा नियामक प्राधिकारी उप्र इलाहाबाद से जांच करवाने के आदेश दिए थे। जांच अधिकारी ने इलाहाबाद से प्राप्त रिपोर्ट को जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) हरिद्वार को सौंप दिया। इस रिपोर्ट के आधार पर दोषी सहायक शिक्षक बिजेंद्र कुमार के खिलाफ उनके तत्कालीन तैनाती स्थल के अंतर्गत आते बहादराबाद थाने में 30 नवंबर 2015 कोे एफआईआर दर्ज की गई थी। चूंकि बिजेंद्र कुमार की 21 जनवरी 1992 को राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्यूड़ा विकासखंड लमगड़ा में प्रथम नियुक्ति हुई थी। इसलिए मामले को विवेचना के लिए बहादराबाद से थाना लमगड़ा स्थानांतरित कर दिया गया। लमगड़ा पुलिस ने विवेचना के बाद अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय दाखिल किया। मामले ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अल्मोड़ा की न्यायालय में चला। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी अरुण गौड़ ने न्यायालय में कुल सात गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट संजीव कुमार ने बिजेंद्र कुमार को धारा 420 में तीन वर्ष का कठोर कारावास तथा तीन हजार रुपये का जुर्माना, धारा 471 में दो वर्ष का कठोर कारावास तथा दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता जैनब जूनियर हाईस्कूल मुरादाबाद में तैनात शिकायतकर्ता की ओर से आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में पता चला कि बिजेंद्र कुमार पुत्र तिरमल सिंह निवासी गांव किशना रामपुर परगना स्योहारा, तहसील धामपुर, जिला बिजनौर (उप्र) के बीटीसी प्रमाण पत्र फर्जी हैं। इस पर सूचना आयोग ने रजिस्ट्रार परीक्षा नियामक प्राधिकारी उप्र इलाहाबाद से जांच करवाने के आदेश दिए थे। जांच अधिकारी ने इलाहाबाद से प्राप्त रिपोर्ट को जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) हरिद्वार को सौंप दिया। इस रिपोर्ट के आधार पर दोषी सहायक शिक्षक बिजेंद्र कुमार के खिलाफ उनके तत्कालीन तैनाती स्थल के अंतर्गत आते बहादराबाद थाने में 30 नवंबर 2015 कोे एफआईआर दर्ज की गई थी। चूंकि बिजेंद्र कुमार की 21 जनवरी 1992 को राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्यूड़ा विकासखंड लमगड़ा में प्रथम नियुक्ति हुई थी। इसलिए मामले को विवेचना के लिए बहादराबाद से थाना लमगड़ा स्थानांतरित कर दिया गया। लमगड़ा पुलिस ने विवेचना के बाद अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय दाखिल किया। मामले ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अल्मोड़ा की न्यायालय में चला। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी अरुण गौड़ ने न्यायालय में कुल सात गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट संजीव कुमार ने बिजेंद्र कुमार को धारा 420 में तीन वर्ष का कठोर कारावास तथा तीन हजार रुपये का जुर्माना, धारा 471 में दो वर्ष का कठोर कारावास तथा दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन