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ग्रामीणों ने गांधी पार्क में दिया धरना
Updated Mon, 26 Feb 2018 11:28 PM IST
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अल्मोड़ा। तेरह गांवों को नगर पालिका सीमा क्षेत्र में शामिल के विरोध में गांव बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर ग्रामीणों ने मंगलवार को चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया और गांवों को पालिका सीमा क्षेत्र में शामिल करने की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की।
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि छोटे-छोटे गांवों को नगर पालिका सीमा क्षेत्र में शामिल कर दिया गया है, जबकि बड़े गांवों को नगर पालिका सीमा क्षेत्र में शामिल नहीं किया गया है। गांवों को पालिका में शामिल करने का कोई मानक निर्धारित नहीं है।
उन्होंने कहा कि छह माह से प्रभावित ग्रामीण समय-समय पर धरना प्रदर्शन करते आ रहे लेकिन अब तक इस मामले में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार 13 गांवों को पालिका में शामिल करने का शानसादेश निरस्त नहीं करेगी तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। सभा में जिला विकास प्राधिकरण का भी विरोध किया गया।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की उपेक्षा किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धरने में सुंदर नाथ योगी, प्रधान मोहनी जोशी, मीरा देवी, घनश्याम गुरुरानी, अंबी राम, चंदन रावत, मनोज जोशी, केपी जोशी, मदन मोहन, देवेंद्र लाल, दीपक कुमार, हीरा राम, नरेंद्र प्रसाद, केवलानंद बिष्ट, ज्येष्ठ प्रमुख महेश चंद्र के अलावा दुगालखोला, रैलापाली, खगमराकोट, न्यू इंदिरा कालोनी खत्याड़ी, पांडेखोला आदि क्षेत्रों के लोग बैठे। पूर्व संसदीय सचिव मनोज तिवारी ने आंदोलन स्थल पर जाकर धरना को समर्थन जताया।
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धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि छोटे-छोटे गांवों को नगर पालिका सीमा क्षेत्र में शामिल कर दिया गया है, जबकि बड़े गांवों को नगर पालिका सीमा क्षेत्र में शामिल नहीं किया गया है। गांवों को पालिका में शामिल करने का कोई मानक निर्धारित नहीं है।
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उन्होंने कहा कि छह माह से प्रभावित ग्रामीण समय-समय पर धरना प्रदर्शन करते आ रहे लेकिन अब तक इस मामले में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार 13 गांवों को पालिका में शामिल करने का शानसादेश निरस्त नहीं करेगी तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। सभा में जिला विकास प्राधिकरण का भी विरोध किया गया।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की उपेक्षा किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धरने में सुंदर नाथ योगी, प्रधान मोहनी जोशी, मीरा देवी, घनश्याम गुरुरानी, अंबी राम, चंदन रावत, मनोज जोशी, केपी जोशी, मदन मोहन, देवेंद्र लाल, दीपक कुमार, हीरा राम, नरेंद्र प्रसाद, केवलानंद बिष्ट, ज्येष्ठ प्रमुख महेश चंद्र के अलावा दुगालखोला, रैलापाली, खगमराकोट, न्यू इंदिरा कालोनी खत्याड़ी, पांडेखोला आदि क्षेत्रों के लोग बैठे। पूर्व संसदीय सचिव मनोज तिवारी ने आंदोलन स्थल पर जाकर धरना को समर्थन जताया।