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आचार संहिता उल्लंघन मामले में उपपा नेता समेत दो दोषमुक्त
Updated Fri, 22 Dec 2017 10:30 PM IST
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अल्मोड़ा। आचार संहिता उल्लंघन के मामले में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की बारामंडल विधानसभा प्रत्याशी रेखा धस्माना सहित एक अन्य को बड़ी राहत मिली है। न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीता कुमारी ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान दोनों पर आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 127 (क), 171 (ज) के अंतर्गत की गई कार्रवाई को निरस्त मानते हुए उन्हें दोषमुक्त कर दिया है।
यहां जारी बयान में उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष एवं अधिवक्ता पीसी तिवारी ने बताया कि चुनाव के दौरान सहायक रिटर्निंग अधिकारी भास्कर भट्ट की ओर से रेखा धस्माना और दीपक जोशी के खिलाफ बिना अनुमति पर्चे छपाने और बांटने को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीता कुमारी की न्यायालय में चल रहे इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने आदर्श आचार संहिता प्रभारी एसके कटारिया, भास्कर भट्ट एवं विवेचक राजेंद्र को गवाह के रूप में प्रस्तुत किया। वहीं, रेखा धस्माना ने रंजिश के कारण उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने की बात कही थी।
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न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीता कुमारी ने पत्रावली में मौजूद अभिलेखों, गवाह और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपने फैसले में कहा कि अभियोजन न्यायालय में आरोप सिद्ध करने में विफल रहा है। न्यायाधिकारी ने दोनों को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है।
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यहां जारी बयान में उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष एवं अधिवक्ता पीसी तिवारी ने बताया कि चुनाव के दौरान सहायक रिटर्निंग अधिकारी भास्कर भट्ट की ओर से रेखा धस्माना और दीपक जोशी के खिलाफ बिना अनुमति पर्चे छपाने और बांटने को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीता कुमारी की न्यायालय में चल रहे इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने आदर्श आचार संहिता प्रभारी एसके कटारिया, भास्कर भट्ट एवं विवेचक राजेंद्र को गवाह के रूप में प्रस्तुत किया। वहीं, रेखा धस्माना ने रंजिश के कारण उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने की बात कही थी।
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न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीता कुमारी ने पत्रावली में मौजूद अभिलेखों, गवाह और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपने फैसले में कहा कि अभियोजन न्यायालय में आरोप सिद्ध करने में विफल रहा है। न्यायाधिकारी ने दोनों को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है।