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ओलावृष्टि ने तोड़ी दूनागिरि क्षेत्र के काश्तकारों की कमर
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। बुधवार की देर शाम दूनागिरि क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि ने सब्जी, फल और अनाज की फसलों का पूरी तरह से तबाह कर दिया है। यह क्षेत्र सब्जी और फल उत्पादन बहुल क्षेत्र है। यहां सेब, आडू, प्लम, खुबानी, नाशपाती का भी प्रचुर मात्रा में उत्पादन होता है। ओलावृष्टि के चलते फल पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। इससे पहले आठ अप्रैल को भी ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ था। सब्जियां, फल आदि तबाह होने से काश्तकारों में भारी हताशा है।
बता दें कि दूनागिरि क्षेत्र सब्जी और फल उत्पादक बहुल क्षेत्र के रूप में प्रख्यात है। यहां के काश्तकार सब्जियों और फलों का उत्पादन कर आजीविका चलाते हैं। लेकिन इस साल अभी तक दो बार भयानक ओलावृष्टि से फसल तबाह हो गई है।
आडू, प्लम, खुबानी, नाशपाती के फल पेड़ से गिर चुके हैं। गेहूं, जौ की फसल बर्बाद हो गई है। इसी माह आठ अप्रैल को हुई ओलावृष्टि से भी क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था। यहां दुधोली, टोडरा, रतखाल, कुकुछिना आदि क्षेत्रों में बुधवार की देर शाम भारी ओलावृष्टि हुई। जिसके चलते धनिया, मेथी, मटर और आलू आदि की खेती भी चौपट हो गई।
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क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता आनंद सिंह बिष्ट, नंद राम, जोगा राम, भुवन पुरोहित, कैलाश चंद्र, जीवन सिंह, मोहन सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, प्रमोद सिंह आदि ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लेने और प्रभावित काश्तकारों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है।
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बता दें कि दूनागिरि क्षेत्र सब्जी और फल उत्पादक बहुल क्षेत्र के रूप में प्रख्यात है। यहां के काश्तकार सब्जियों और फलों का उत्पादन कर आजीविका चलाते हैं। लेकिन इस साल अभी तक दो बार भयानक ओलावृष्टि से फसल तबाह हो गई है।
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आडू, प्लम, खुबानी, नाशपाती के फल पेड़ से गिर चुके हैं। गेहूं, जौ की फसल बर्बाद हो गई है। इसी माह आठ अप्रैल को हुई ओलावृष्टि से भी क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था। यहां दुधोली, टोडरा, रतखाल, कुकुछिना आदि क्षेत्रों में बुधवार की देर शाम भारी ओलावृष्टि हुई। जिसके चलते धनिया, मेथी, मटर और आलू आदि की खेती भी चौपट हो गई।
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क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता आनंद सिंह बिष्ट, नंद राम, जोगा राम, भुवन पुरोहित, कैलाश चंद्र, जीवन सिंह, मोहन सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, प्रमोद सिंह आदि ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लेने और प्रभावित काश्तकारों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है।