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हड़ताल से केमू के अल्मोड़ा डिविजन को 70 लाख रुपये का घाटा
Updated Thu, 26 Jul 2018 10:30 PM IST
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अल्मोड़ा। तीन वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सवारी में गिनने के विरोध समेत अन्य मुद्दों को लेकर कुमाऊं मोटर ऑनर्स यूनियन (केमू) की हड़ताल बृहस्पतिवार को सातवें दिन भी जारी रही। हड़ताल से केमू के अल्मोड़ा डिवीजन को करीब 70 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
हड़ताल के कारण सात दिनों से केमू बसों के पहिए थमे हुए हैं। बसें नहीं चलने के कारण केमू के अल्मोड़ा डिवीजन को करीब 70 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। केमू नहीं चलने से टैक्सी औररोडवेज की बसों में यात्रियों का भारी दबाव है। पर्वतीय मार्गों में रोडवेज की बसें पहले से बंद पड़ी हैं।
केमू की हड़ताल के कारण हिल स्टेशनों को जाने वाले यात्रियों की मुसीबतें काफी बढ़ गई हैं। टैक्सी चालक केमू स्टेशन में ही अपने वाहन खड़े कर यहीं से सवारी भर रहे हैं। रोडवेज और टैक्सियों की अपेक्षा केमू की बसों में किराया कम है। इस कारण अधिकांश लोग केमू की बसों से ही सफर करते हैं। हडताल से डाक सेवा भी प्रभावित है।
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हड़ताल के कारण सात दिनों से केमू बसों के पहिए थमे हुए हैं। बसें नहीं चलने के कारण केमू के अल्मोड़ा डिवीजन को करीब 70 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। केमू नहीं चलने से टैक्सी औररोडवेज की बसों में यात्रियों का भारी दबाव है। पर्वतीय मार्गों में रोडवेज की बसें पहले से बंद पड़ी हैं।
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केमू की हड़ताल के कारण हिल स्टेशनों को जाने वाले यात्रियों की मुसीबतें काफी बढ़ गई हैं। टैक्सी चालक केमू स्टेशन में ही अपने वाहन खड़े कर यहीं से सवारी भर रहे हैं। रोडवेज और टैक्सियों की अपेक्षा केमू की बसों में किराया कम है। इस कारण अधिकांश लोग केमू की बसों से ही सफर करते हैं। हडताल से डाक सेवा भी प्रभावित है।
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