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बांध निर्माण से पहले 31 हजार परिवारों की व्यवस्था करे सरकार: टम्टा
Updated Wed, 29 Nov 2017 10:58 PM IST
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अल्मोड़ा। राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता प्रदीप टम्टा ने कहा कि पंचेश्वर बांध के निर्माण से 31 हजार से अधिक परिवार प्रभावित होंगे। सरकार को चाहिए कि बांध के निर्माण से पहले प्रभावित परिवारों को खेती और रहने के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि हजारों परिवारों को बर्बाद करके विकास की बात करना नाइंसाफी होगी।
टम्टा ने कहा कि एक तरफ विश्व के अनेक देशों में बड़े बांधों को तोड़ा जा रहा है, लेकिन पंचेश्वर बांध के निर्माण से 31023 परिवार प्रभावित होंगे उसके बावजूद सरकार विशाल बांध बनाने पर अडिग है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर हजारों लोगों को बर्बाद करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को सिर्फ मुआवजे का भुगतान करके विस्थापित करना उनके साथ नाइंसाफी होगा। प्रभावित परिवारों को डूब क्षेत्र से हटाने से उन्हें खेती से भी हाथ धोना पड़ेगा। उनकी यह भूमि उनकी आजीविका का साधन भी है। इसलिए सरकार को चाहिए कि प्रभावितों को अन्य स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में उपजाऊ जमीन भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। जिस जगह सिंचाई आदि की भी व्यवस्था हो उन्हें वहां भूमि उपलब्ध कराई जानी चाहिए। डूब क्षेत्र से लोगों को हटाने से पहले सरकार को व्यवस्थाओं के बारे श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रभावित होने वाले परिवारों के बारे सही गणना की जानी चाहिए। प्रभावित होने वाले जिन परिवारों में बालिग सदस्य भी हैं तो उनकी अलग परिवार के तौर पर गिनती होनी चाहिए क्योंकि भविष्य में शादी के बाद उनका एक और परिवार हो जाएगा।
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टम्टा ने कहा कि एक तरफ विश्व के अनेक देशों में बड़े बांधों को तोड़ा जा रहा है, लेकिन पंचेश्वर बांध के निर्माण से 31023 परिवार प्रभावित होंगे उसके बावजूद सरकार विशाल बांध बनाने पर अडिग है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर हजारों लोगों को बर्बाद करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को सिर्फ मुआवजे का भुगतान करके विस्थापित करना उनके साथ नाइंसाफी होगा। प्रभावित परिवारों को डूब क्षेत्र से हटाने से उन्हें खेती से भी हाथ धोना पड़ेगा। उनकी यह भूमि उनकी आजीविका का साधन भी है। इसलिए सरकार को चाहिए कि प्रभावितों को अन्य स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में उपजाऊ जमीन भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। जिस जगह सिंचाई आदि की भी व्यवस्था हो उन्हें वहां भूमि उपलब्ध कराई जानी चाहिए। डूब क्षेत्र से लोगों को हटाने से पहले सरकार को व्यवस्थाओं के बारे श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि प्रभावित होने वाले परिवारों के बारे सही गणना की जानी चाहिए। प्रभावित होने वाले जिन परिवारों में बालिग सदस्य भी हैं तो उनकी अलग परिवार के तौर पर गिनती होनी चाहिए क्योंकि भविष्य में शादी के बाद उनका एक और परिवार हो जाएगा।
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