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अल्मोड़ा में 24 घंटों में 56 मिमी बारिश
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अल्मोड़ा। जिले में मौसम के मिजाज लगातार दूसरे दिन भी बदले रहे। रात भर के बाद बृहस्पतिवार को भी लगातार मूसलाधार बारिश हुई। 24 घंटों के भीतर 58 एमएम बारिश के बीच तापमान में गिरावट होने से मई माह में सर्दियों जैसी ठंड का एहसास होने लगा है। अल्मोड़ा और रानीखेत में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश से नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा। हालांकि कर्फ्यू के बीच विभिन्न गतिविधियां ठप है, लेकिन इसके बावजूद बारिश से जन-जीवन अस्त व्यस्त होने लगा है।
उल्लेखनीय है कि बीते दिवस बुधवार को जिले भर में अचानक मौसम के मिजाज बदल गए थे। इसके बाद से ही बारिश का दौर शुरू हो गया। पूरे दिन के बाद रात भर भी बारिश होती रही। इधर बृहस्पतिवार को भी पूरा दिन बारिश हुई। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा में 56 एमएम बारिश हुई है। दिन भर मूसलाधार बारिश के बीच कोसी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया। यहां से 300 क्यूसेक जल लगातार छोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही तापमान में भी भारी गिरावट हुई है। नगर का न्यूनतम पारा 15 डिग्री दर्ज किया गया। कर्फ्यू के बीच पहले से ही बाजारों में आवागमन ठप है, लेकिन बारिश के बीच जरूरी कार्यों से भी लोग कम ही बाहर निकले। मई में सर्दियों जैसी ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार सर्वाधिक 56 एमएम बारिश अल्मोड़ा में और दूसरे नंबर में रानीखेत में 50 एमएम बारिश दर्ज की गई।
खेती को पहुंचेगा लाभ तो प्राकृतिक स्रोत होंगे रिचार्ज
अल्मोड़ा। किसानों के लिए मेघ राहत बनकर बरसे हैं। गैर सिंचित इलाकों में इससे जमकर सिंचाई हो रही है। वहीं प्राकृतिक जलस्रोतों के भी इससे रिचार्ज होने की उम्मीद जगी है। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि लगातार दो दिनों से हो रही बारिश खेती के लिए लाभदायक है। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता था, लेकिन सिर्फ बारिश होने से फसलों की पैदावार अच्छी हो सकेगी। उधर गर्मियों के बीच जलस्रोतों के रिचार्ज होने से कई इलाकों में पेयजल संकट से निजात मिलने की उम्मीद है।
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कहां कितनी एमएम हुई बारिश-
अल्मोड़ा- 56 मिमी
रानीखेत- 50 मिमी
द्वाराहाट- 26 मिमी
चौखुटिया- 44 मिमी
सोमेश्वर- 39 मिमी
भिकियासैंण- 41 मिमी
जागेश्वर- 29.50 मिमी
ताकुला- 28 मिमी
शीतलाखेत- 21 मिमी
सल्ट- 36 मिमी
भैंसियाछाना- 27.5 मिमी
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उल्लेखनीय है कि बीते दिवस बुधवार को जिले भर में अचानक मौसम के मिजाज बदल गए थे। इसके बाद से ही बारिश का दौर शुरू हो गया। पूरे दिन के बाद रात भर भी बारिश होती रही। इधर बृहस्पतिवार को भी पूरा दिन बारिश हुई। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा में 56 एमएम बारिश हुई है। दिन भर मूसलाधार बारिश के बीच कोसी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया। यहां से 300 क्यूसेक जल लगातार छोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही तापमान में भी भारी गिरावट हुई है। नगर का न्यूनतम पारा 15 डिग्री दर्ज किया गया। कर्फ्यू के बीच पहले से ही बाजारों में आवागमन ठप है, लेकिन बारिश के बीच जरूरी कार्यों से भी लोग कम ही बाहर निकले। मई में सर्दियों जैसी ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार सर्वाधिक 56 एमएम बारिश अल्मोड़ा में और दूसरे नंबर में रानीखेत में 50 एमएम बारिश दर्ज की गई।
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खेती को पहुंचेगा लाभ तो प्राकृतिक स्रोत होंगे रिचार्ज
अल्मोड़ा। किसानों के लिए मेघ राहत बनकर बरसे हैं। गैर सिंचित इलाकों में इससे जमकर सिंचाई हो रही है। वहीं प्राकृतिक जलस्रोतों के भी इससे रिचार्ज होने की उम्मीद जगी है। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि लगातार दो दिनों से हो रही बारिश खेती के लिए लाभदायक है। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता था, लेकिन सिर्फ बारिश होने से फसलों की पैदावार अच्छी हो सकेगी। उधर गर्मियों के बीच जलस्रोतों के रिचार्ज होने से कई इलाकों में पेयजल संकट से निजात मिलने की उम्मीद है।
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कहां कितनी एमएम हुई बारिश-
अल्मोड़ा- 56 मिमी
रानीखेत- 50 मिमी
द्वाराहाट- 26 मिमी
चौखुटिया- 44 मिमी
सोमेश्वर- 39 मिमी
भिकियासैंण- 41 मिमी
जागेश्वर- 29.50 मिमी
ताकुला- 28 मिमी
शीतलाखेत- 21 मिमी
सल्ट- 36 मिमी
भैंसियाछाना- 27.5 मिमी