{"_id":"5bf04e48bdec2269b262f75f","slug":"51542475336-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पॉक्सो एक्ट में आरोपी को तीन साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पॉक्सो एक्ट में आरोपी को तीन साल की सजा
Updated Sat, 17 Nov 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। दुष्कर्म के प्रयास के एक मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने आरोपी को धारा 8 पॉक्सो एक्ट में तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 3(1) एससी/एसटी एक्ट में दो साल की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। न्यायालय ने अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं।
28 जून 2018 को अनुसूचित जाति की नाबालिग बकरी चराने जंगल गई हुई थी। दिन में करीब 12:30 बजे रोते हुए घर आई और पिता को बताया कि गांव के ही एक व्यक्ति ने सड़क से आवाज लगाई। कहा कि उसकी बकरी नीचे खेत में गई है। जब उसने कुछ नहीं कहा तो प्रेम सिंह वहां पहुंच गया और उसके बगल में बैठ गया। उसका हाथ पकड़कर ऊपर खेत में चलकर शारीरिक संबंध बनाने को कहने लगा, लेकिन पीड़िता हाथ छुड़ाकर वहां से भागकर घर पहुंची।
इसके बाद पीड़िता के पिता ने आरोपी के खिलाफ राजस्व पुलिस में मामला दर्ज कराया। जांच पूरी कर विवेचनाधिकारी ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुआ। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैलवाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने न्यायालय में सात गवाह परीक्षित कराए। निर्भया प्रकोष्ठ की वकील अभिलाषा तिवारी ने भी सहयोग दिया। न्यायालय में धारा 8 पॉक्सो एक्ट और धारा 3 (1) एससी/एसटी एक्ट में आरोपी पर दोष सिद्ध हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
28 जून 2018 को अनुसूचित जाति की नाबालिग बकरी चराने जंगल गई हुई थी। दिन में करीब 12:30 बजे रोते हुए घर आई और पिता को बताया कि गांव के ही एक व्यक्ति ने सड़क से आवाज लगाई। कहा कि उसकी बकरी नीचे खेत में गई है। जब उसने कुछ नहीं कहा तो प्रेम सिंह वहां पहुंच गया और उसके बगल में बैठ गया। उसका हाथ पकड़कर ऊपर खेत में चलकर शारीरिक संबंध बनाने को कहने लगा, लेकिन पीड़िता हाथ छुड़ाकर वहां से भागकर घर पहुंची।
विज्ञापन
इसके बाद पीड़िता के पिता ने आरोपी के खिलाफ राजस्व पुलिस में मामला दर्ज कराया। जांच पूरी कर विवेचनाधिकारी ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुआ। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैलवाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने न्यायालय में सात गवाह परीक्षित कराए। निर्भया प्रकोष्ठ की वकील अभिलाषा तिवारी ने भी सहयोग दिया। न्यायालय में धारा 8 पॉक्सो एक्ट और धारा 3 (1) एससी/एसटी एक्ट में आरोपी पर दोष सिद्ध हुआ।
विज्ञापन