{"_id":"5b0c44474f1c1b9d6e8b5137","slug":"51527530567-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रों को संस्कारवान बनाने में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रों को संस्कारवान बनाने में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका
Updated Mon, 28 May 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। विवेकानंद इंटरमीडिएट कालेज रानीधारा में कक्षा दस और बारहवीं के विद्यार्थियों के अभिभावकों की गोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि सुरेश चंद्र गुणवंत ने विद्यालय के 23 बच्चों के प्रदेश मेरिट में स्थान बनाने पर प्रसन्नता जताई।
उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवार अभिभावकों से जो आशाएं करता है उन पर अमल करने पर जोर दिया, ताकि छात्र, अध्यापक और अभिभावक के उद्देश्यों की पूर्ति हो सके।
अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य मोहन सिंह रावल ने कहा कि छात्रों को संस्कारवान बनाने में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अनुशासनहीनता रोकने के लिए अभिभावक अपने बच्चों की प्रत्येक गतिविधियों पर ध्यान दें। अभिभावक आनंद प्रकाश, सुनील उपाध्याय, जया जोशी ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों के प्रति सचेत रहें। हिंदी और अंग्रेजी विषयों में भी प्रतिदिन समय दिया जाए। बच्चों का बैग प्रतिदिन देखें और विषय अध्यापकों से संपर्क करें। उन्होंने विद्यालय के अनुशासन पर प्रसन्नता जताई। संचालन भास्करानंद कांडपाल ने किया। गोष्ठी में आचार्य कैलाश जोशी, शंकर बिष्ट, नीरज पथनी, आशुतोष कर्नाटक, योगेश गुरुरानी, गिरिजा शंकर जोशी, अर्जुन बिष्ट, रघुवर, ममता रावत, दीपशिखा, विद्या लटवाल, सुरेश पाठक, सुंदर महरा, लक्ष्मण आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवार अभिभावकों से जो आशाएं करता है उन पर अमल करने पर जोर दिया, ताकि छात्र, अध्यापक और अभिभावक के उद्देश्यों की पूर्ति हो सके।
विज्ञापन
अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य मोहन सिंह रावल ने कहा कि छात्रों को संस्कारवान बनाने में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अनुशासनहीनता रोकने के लिए अभिभावक अपने बच्चों की प्रत्येक गतिविधियों पर ध्यान दें। अभिभावक आनंद प्रकाश, सुनील उपाध्याय, जया जोशी ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों के प्रति सचेत रहें। हिंदी और अंग्रेजी विषयों में भी प्रतिदिन समय दिया जाए। बच्चों का बैग प्रतिदिन देखें और विषय अध्यापकों से संपर्क करें। उन्होंने विद्यालय के अनुशासन पर प्रसन्नता जताई। संचालन भास्करानंद कांडपाल ने किया। गोष्ठी में आचार्य कैलाश जोशी, शंकर बिष्ट, नीरज पथनी, आशुतोष कर्नाटक, योगेश गुरुरानी, गिरिजा शंकर जोशी, अर्जुन बिष्ट, रघुवर, ममता रावत, दीपशिखा, विद्या लटवाल, सुरेश पाठक, सुंदर महरा, लक्ष्मण आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन