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पांच-पांच सौ किलोवाट के पांच सोलर पावर प्लांट लगेंगे
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Aug 2017 10:45 PM IST
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जवाहर लाल नेहरू सोलर मिशन के अंतर्गत जिले में पांच स्थानों पर पांच-पांच सौ किलोवाट के ग्रिड कनेक्ट सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विभाग ने प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद चयनित भूमि का निरीक्षण कर रिपोर्ट उरेडा निदेशालय को भेज दी है।
मंजूरी मिलने के बाद यह सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। केंद्र सरकार वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। जवाहर लाल नेहरू सोलर मिशन ग्रिड कनेक्ट स्माल रूट ऑफ सोलर पावर योजना के तहत एक किलोवाट से 500 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं।
प्लांट स्थापित करने के लिए उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विभाग ने पूर्व में आवेदन मांगे थे। जिले में 500 किलोवाट क्षमता के प्लांट लगाने के लिए छह लोगों ने आवेदन किया था। इनमें तोली में दो, मनीआगर, उगलिया, कपीना (रानीखेत) में प्लांट स्थापित करने के लिए एक-एक आवेदन प्राप्त हुए।
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इसके अलावा द्वाराहाट में 250 किलोवाट और दानापानी खोल्यों (सल्ट) में 10 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगेगा। पांच सौ किलोवाट का प्लांट लगाने को करीब 35 नाली भूमि की जरूरत है।
आवेदनकर्ता की भूमि स्वयं की या 25 साल लीज पर होनी चाहिए। पांच सौ किलोवाट प्लांट की लागत करीब 3.50 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र सरकार लाभार्थी को 70 फीसदी सब्सिडी देगी और 30 फीसदी लाभार्थी का अंश होगा।
उरेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी जीसी मेहरोत्रा ने बताया कि प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण करने के बाद प्रस्ताव निदेशालय को भेज दिया गया है। शासन स्तर से प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने के बाद प्लांट स्थापित होंगे।
दो से ढाई हजार यूनिट बिजली होगी उत्पादित
सोलर पावर प्लांट ग्रिड से जुड़े होंगे। पांच सौ किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट से प्रतिदिन दो से ढाई हजार यूनिट बिजली उत्पादित हो सकेगी। उरेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी जीसी मेहरोत्रा ने बताया कि पांच सौ किलोवाट क्षमता के पावर प्लांट से प्रति घंटे 400 यूनिट बिजली उत्पादित होगी।
उत्पादित बिजली को लाभार्थी पावर कॉरपोरेशन को विक्रय करेगा। इसके लिए लाभार्थी और पावर कारपोरेशन के बीच अनुबंध किया जाएगा।
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मंजूरी मिलने के बाद यह सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। केंद्र सरकार वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। जवाहर लाल नेहरू सोलर मिशन ग्रिड कनेक्ट स्माल रूट ऑफ सोलर पावर योजना के तहत एक किलोवाट से 500 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं।
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प्लांट स्थापित करने के लिए उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विभाग ने पूर्व में आवेदन मांगे थे। जिले में 500 किलोवाट क्षमता के प्लांट लगाने के लिए छह लोगों ने आवेदन किया था। इनमें तोली में दो, मनीआगर, उगलिया, कपीना (रानीखेत) में प्लांट स्थापित करने के लिए एक-एक आवेदन प्राप्त हुए।
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इसके अलावा द्वाराहाट में 250 किलोवाट और दानापानी खोल्यों (सल्ट) में 10 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगेगा। पांच सौ किलोवाट का प्लांट लगाने को करीब 35 नाली भूमि की जरूरत है।
आवेदनकर्ता की भूमि स्वयं की या 25 साल लीज पर होनी चाहिए। पांच सौ किलोवाट प्लांट की लागत करीब 3.50 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र सरकार लाभार्थी को 70 फीसदी सब्सिडी देगी और 30 फीसदी लाभार्थी का अंश होगा।
उरेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी जीसी मेहरोत्रा ने बताया कि प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण करने के बाद प्रस्ताव निदेशालय को भेज दिया गया है। शासन स्तर से प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने के बाद प्लांट स्थापित होंगे।
दो से ढाई हजार यूनिट बिजली होगी उत्पादित
सोलर पावर प्लांट ग्रिड से जुड़े होंगे। पांच सौ किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट से प्रतिदिन दो से ढाई हजार यूनिट बिजली उत्पादित हो सकेगी। उरेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी जीसी मेहरोत्रा ने बताया कि पांच सौ किलोवाट क्षमता के पावर प्लांट से प्रति घंटे 400 यूनिट बिजली उत्पादित होगी।
उत्पादित बिजली को लाभार्थी पावर कॉरपोरेशन को विक्रय करेगा। इसके लिए लाभार्थी और पावर कारपोरेशन के बीच अनुबंध किया जाएगा।