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खरीद और बिक्री बिलों को रख लें व्यापारी वरना होगी कार्रवाई
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अल्मोड़ा। वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने पंजीकरण की श्रेणी में आने वाले और टर्न ओवर कम दिखाने वाले व्यापारियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। शुक्रवार और बीते बृहस्पतिवार को अधिकारियों ने अल्मोड़ा बाजार में कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों में सर्वे किया और बिल बुकों की जांच शुरू कर दी है। इसमें कुछ प्रतिष्ठानों में बिल बुक नहीं मिली। विभाग ने ऐसे व्यापारियों के खिलाफ अर्थदंड लगाने की तैयारी कर ली है।
शुक्रवार को सहायक आयुक्त राज्य कर कमल किशोर जोशी, राज्य कर अधिकारी सत्यप्रकाश और कुंदन सिंह पांगती ने बाजार में कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों में सर्वे शुरू किया। इससे पहले अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को भी बाजार का सर्वे किया था।
इस दौरान व्यापारियों के बिल बुक देखे गए। जिन व्यापारियों के पास बिल बुक नहीं थे उन पर अर्थदंड की कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है। सहायक आयुक्त राज्यकर ने बताया कि पंजीकरण की श्रेणी में आने वाले और टर्न ओवर कम दिखाने वाले व्यापारियों पर नजर रखना शुरू कर दिया गया है। ऐसे व्यापारियों का चिन्हीकरण किया जा रहा है और जल्द अर्थदंड की कार्रवाई की जाएगी। नियम के तहत कर चोरी करने और कर चोरी में लिप्त पाए जाने वाले व्यापारियों पर दस से 25 हजार रुपये तक अर्थदंड लगाया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से खरीद और बिक्री बिलों को रखने को कहा है।
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मालूम हो जिले में 2650 व्यापारी राज्य जीएसटी और 1350 केंद्र जीएसटी के अधीन हैं। पिछले दिनों वाणिज्यकर विभाग ने जीएसटी के दायरें में नहीं आने वाले और जिन्होंने नियमों का पालन नहीं किया ऐसे 450 व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए थे। इस संबंध में 27 मार्च को अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित हुई थी।
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शुक्रवार को सहायक आयुक्त राज्य कर कमल किशोर जोशी, राज्य कर अधिकारी सत्यप्रकाश और कुंदन सिंह पांगती ने बाजार में कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों में सर्वे शुरू किया। इससे पहले अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को भी बाजार का सर्वे किया था।
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इस दौरान व्यापारियों के बिल बुक देखे गए। जिन व्यापारियों के पास बिल बुक नहीं थे उन पर अर्थदंड की कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है। सहायक आयुक्त राज्यकर ने बताया कि पंजीकरण की श्रेणी में आने वाले और टर्न ओवर कम दिखाने वाले व्यापारियों पर नजर रखना शुरू कर दिया गया है। ऐसे व्यापारियों का चिन्हीकरण किया जा रहा है और जल्द अर्थदंड की कार्रवाई की जाएगी। नियम के तहत कर चोरी करने और कर चोरी में लिप्त पाए जाने वाले व्यापारियों पर दस से 25 हजार रुपये तक अर्थदंड लगाया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से खरीद और बिक्री बिलों को रखने को कहा है।
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मालूम हो जिले में 2650 व्यापारी राज्य जीएसटी और 1350 केंद्र जीएसटी के अधीन हैं। पिछले दिनों वाणिज्यकर विभाग ने जीएसटी के दायरें में नहीं आने वाले और जिन्होंने नियमों का पालन नहीं किया ऐसे 450 व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए थे। इस संबंध में 27 मार्च को अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित हुई थी।