फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   छह माह से बंद पड़ी है भिकियासैंण की हाट बाजार

छह माह से बंद पड़ी है भिकियासैंण की हाट बाजार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Apr 2019 11:44 PM IST
विज्ञापन
छह माह से बंद पड़ी है भिकियासैंण की हाट बाजार
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। एकीकृत आजीविका परियोजना के तहत ग्रामीण महिला समूहों द्वारा उत्पादित जैविक सब्जी, मसालों और दालों आदि के विक्रय के लिए संचालित की गई हाट बाजार छह माह चलने के बाद बंद हो गई। अक्तूबर से हाट संचालित नहीं हो रही है। इधर लोगों ने इसे दोबारा शुरू करने की मांग की है।
विज्ञापन


ग्रामीणों द्वारा उत्पादित जैविक सब्जी, मिर्च, मसाले, पहाड़ी दालों और डेरी उत्पादों आदि का समूहों से जुड़ीं महिलाओं को उचित दाम दिलाने के उद्देश्य से नगर के रामलीला मैदान में आजीविका परियोजना की बीते वर्ष मई से प्रत्येक गुरुवार को हाट बाजार लगनी शुरू हुई थी।
विज्ञापन


हाट बाजार में लोग समूहों द्वारा उत्पादित सामान की खरीदारी करते थे, लेकिन यह हाट मई से सितंबर तक ही चली और घाटे का रोना रोकर इसे बंद कर दिया गया। आजीविका परियोजना कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस हाट बाजार से 74 महिला समूहों के 648 महिला काश्तकार सदस्य सीधे जुड़े हैं। प्रत्येक सदस्य को बीज, खाद, बुआई, कटाई, निराई आदि के लिए परियोजना की ओर से 3600 रुपये वार्षिक प्रोत्साहन के तौर पर दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुल वार्षिक खर्च 23 लाख से अधिक बैठता है। इसके अलावा परियोजना से जुड़े कर्मचारियों और प्रशिक्षण आदि पर भी काफी खर्च हो रहा है। जिससे हाट को आगे संचालित करना संभव नहीं हो पा रहा है। इधर पूर्व ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य दीपक बिष्ट, सभासद गोपालसिंह ने उत्पादन बढ़ाने और हाट दोबारा शुरू करने पर जोर दिया है। इधर आजीविका परियोजना के समन्वयक जयदेव द्विवेदी का कहना है कि समूहों के उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि नहीं होने के कारण हाट बाजार बंद हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed