{"_id":"5b0c426a4f1c1b896e8b5209","slug":"31527530090-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लालूरी सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने निकाली विशाल आक्रोश रैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लालूरी सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने निकाली विशाल आक्रोश रैली
Updated Mon, 28 May 2018 11:34 PM IST
विज्ञापन
सड़क मांगी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चौखुटिया। (अल्मोड़ा)। लालूरी-कनोली-टिम्टा सड़क निर्माण को लेकर पिछले पंद्रह दिनों से आंदोलित ग्रामीणों ने आक्रोश रैली निकालकर तहसील मुख्यालय का घेराव किया। बाद में सड़क निर्माण में रोड़ा डालने वाले अधिकारियों का पुतला फूंका गया। इस मौके पर हुई विशाल सभा में वक्ताओं ने दस दिन के भीतर एनओसी न मिलने पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम करने का एलान किया। बाद में तहसीलदार सतीश बर्थवाल को ज्ञापन सौंपा गया।
पीएमजीएसवाई के तहत भगोती से वाया लालूरी-कनोली-टिम्टा के लिए सड़क निर्माण की वित्तीय स्वीकृति मिलने के बावजूद सड़क न बनने से आक्रोशित टिम्टा, कनोली, लालूरी, कबडोली, सीरा, डूंगाधरां, सीमापानी, जेठुआ और भगोती के ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय में आक्रोश रैली निकालकर अपना गुस्सा जताया। इस दौरान ग्रामीणों ने जुलूस प्रदर्शन के साथ तहसील का घेराव किया और बाद में सड़क निर्माण में रोड़ा बने भ्रष्ट अधिकारियों का पुतला फूंका।
सभा में संघर्ष समिति के अध्यक्ष खीमानंद कांडपाल ने शासन, प्रशासन और संबंधित विभाग की ईंट से ईंट बजा देने का एलान करते हुए कहा कि लालूरी के साथ स्वीकृत हुई सभी सड़कों का निर्माण हो गया है, लेकिन लालूरी सड़क की अनदेखी की गई है, जिससे लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि दस दिन के भीतर एनओसी नहीं मिली तो अनिश्चितकालीन चक्काजाम किया जाएगा। घेराव और प्रदर्शन में संघर्ष समिति के अध्यक्ष अध्यक्ष खीमानंद कांडपाल, विनोद कुमार, मुकेश कुमार, प्रधान गीता शर्मा, कुबेर सिंह कठायत, हरीराम, कमला नेगी, किरन शर्मा, बिपिन शर्मा, कुंदन सिंह, मोहन पांडे, गंगादेवी, राधा, रेबुली, हंसी, दुर्गासिंह, हेमंत नेगी, मिनाक्षी जोशी, धर्मा देवी, कला, सरस्वती, लीला चंदन सिंह, नंदन सिंह, कमला नेगी, रामदत्त पालीवाल, पुष्पा, मोहन पांडे, गंगादेवी, नंदी, दुर्गासिंह, दिनेश नेगी, रमेश पांडे, हेमंत नेगी, मिनाक्षी जोशी, धर्मा देवी, कला, सरस्वती आदि तमाम ग्रामीण शामिल थे।
विज्ञापन
प्रदर्शन करने पहुंचे ग्रामीण तेज धूप और गर्मी के बीच टिम्टा, लालूरी से पांच किलोमीटर पैदल भगोती पहुंचे। वहां से चौखुटिया की सात किलोमीटर की दूरी वाहनों से तय करने के बाद ग्रामीणों ने वाहनों से उतरकर जुलूस निकाला। जुलूस प्रदर्शन में संबंधित गांवों के प्रवासी भी पहुंचे थे।
विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी की
चौखुटिया। (अल्मोड़ा)। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे पीएमजीएसवाई के एई ओमप्रकाश गोस्वामी ने बताया कि विभागीय स्तर की सारी औपचारिकताएं पूरी कर देहरादून भेज दी गई हैं। उन्होंने बताया कि एनओसी मिलते ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
तपती धूप में छोटे बच्चों को गोद लिए प्रदर्शन में शामिल हुई महिलाएं
चौखुटिया। (अल्मोड़ा)। लालूरी, टिम्टा और कनोली सहित निकटवर्ती गांवों के लोग पिछले पंद्रह दिनों से आंदोलित हैं। आंदोलन के चलते ग्रामीणों का खेती, कृषि और बागवानी जैसे कार्य भी प्रभावित हो गए हैं। संबंधित गांव की कई महिलाएं तपती धूप में अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर प्रदर्शन में शामिल होने आई थीं। संबंधित महिलाओं का कहना था कि वे घर का सारा काम छोड़कर आई हैं। आंदोलन के चलते उनके साथ आए बच्चे भी भूखे हैं, लेकिन आंदोलन के सिवाय दूसरा कोई रास्ता नहीं है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी सुनते नही हैं ऐसी स्थिति में आंदोलन करने में चाहे जितनी दिक्कतें हों पर आंदोलन तो करना ही है।
अपने दो बच्चों मोहित और प्रियांशु को गोद में लेकर आईं मीना जोशी का कहना था कि जब से शादी हुई है सड़क की समस्या झेल रही हूं। रोजमर्रा की परेशानियों के सामने आंदोलन के दौरान हो रही परेशानी झेलने में कोई हर्ज नहीं है।
अपने बेटे निश्चय को लेकर आईं किरन शर्मा का कहना है समस्या के स्थायी निदान के लिए कुछ दिन तो परेशानी झेलनी ही पड़ेगी। बेटी योगिता और बेटे ध्रुव को लेकर आईं गायत्री देवी का कहना था कि उनके साथ बच्चे भी भूखे, प्यासे और परेशान हैं लेकिन करें तो क्या करें। इसी तरह की बात बेटे प्रिंस को गोद में पकड़ी भगवती देवी ने भी कही। महिलाओं का कहना है कि वे सड़क निर्माण के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं।
विज्ञापन
पीएमजीएसवाई के तहत भगोती से वाया लालूरी-कनोली-टिम्टा के लिए सड़क निर्माण की वित्तीय स्वीकृति मिलने के बावजूद सड़क न बनने से आक्रोशित टिम्टा, कनोली, लालूरी, कबडोली, सीरा, डूंगाधरां, सीमापानी, जेठुआ और भगोती के ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय में आक्रोश रैली निकालकर अपना गुस्सा जताया। इस दौरान ग्रामीणों ने जुलूस प्रदर्शन के साथ तहसील का घेराव किया और बाद में सड़क निर्माण में रोड़ा बने भ्रष्ट अधिकारियों का पुतला फूंका।
विज्ञापन
सभा में संघर्ष समिति के अध्यक्ष खीमानंद कांडपाल ने शासन, प्रशासन और संबंधित विभाग की ईंट से ईंट बजा देने का एलान करते हुए कहा कि लालूरी के साथ स्वीकृत हुई सभी सड़कों का निर्माण हो गया है, लेकिन लालूरी सड़क की अनदेखी की गई है, जिससे लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि दस दिन के भीतर एनओसी नहीं मिली तो अनिश्चितकालीन चक्काजाम किया जाएगा। घेराव और प्रदर्शन में संघर्ष समिति के अध्यक्ष अध्यक्ष खीमानंद कांडपाल, विनोद कुमार, मुकेश कुमार, प्रधान गीता शर्मा, कुबेर सिंह कठायत, हरीराम, कमला नेगी, किरन शर्मा, बिपिन शर्मा, कुंदन सिंह, मोहन पांडे, गंगादेवी, राधा, रेबुली, हंसी, दुर्गासिंह, हेमंत नेगी, मिनाक्षी जोशी, धर्मा देवी, कला, सरस्वती, लीला चंदन सिंह, नंदन सिंह, कमला नेगी, रामदत्त पालीवाल, पुष्पा, मोहन पांडे, गंगादेवी, नंदी, दुर्गासिंह, दिनेश नेगी, रमेश पांडे, हेमंत नेगी, मिनाक्षी जोशी, धर्मा देवी, कला, सरस्वती आदि तमाम ग्रामीण शामिल थे।
विज्ञापन
प्रदर्शन करने पहुंचे ग्रामीण तेज धूप और गर्मी के बीच टिम्टा, लालूरी से पांच किलोमीटर पैदल भगोती पहुंचे। वहां से चौखुटिया की सात किलोमीटर की दूरी वाहनों से तय करने के बाद ग्रामीणों ने वाहनों से उतरकर जुलूस निकाला। जुलूस प्रदर्शन में संबंधित गांवों के प्रवासी भी पहुंचे थे।
विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी की
चौखुटिया। (अल्मोड़ा)। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे पीएमजीएसवाई के एई ओमप्रकाश गोस्वामी ने बताया कि विभागीय स्तर की सारी औपचारिकताएं पूरी कर देहरादून भेज दी गई हैं। उन्होंने बताया कि एनओसी मिलते ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
तपती धूप में छोटे बच्चों को गोद लिए प्रदर्शन में शामिल हुई महिलाएं
चौखुटिया। (अल्मोड़ा)। लालूरी, टिम्टा और कनोली सहित निकटवर्ती गांवों के लोग पिछले पंद्रह दिनों से आंदोलित हैं। आंदोलन के चलते ग्रामीणों का खेती, कृषि और बागवानी जैसे कार्य भी प्रभावित हो गए हैं। संबंधित गांव की कई महिलाएं तपती धूप में अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर प्रदर्शन में शामिल होने आई थीं। संबंधित महिलाओं का कहना था कि वे घर का सारा काम छोड़कर आई हैं। आंदोलन के चलते उनके साथ आए बच्चे भी भूखे हैं, लेकिन आंदोलन के सिवाय दूसरा कोई रास्ता नहीं है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी सुनते नही हैं ऐसी स्थिति में आंदोलन करने में चाहे जितनी दिक्कतें हों पर आंदोलन तो करना ही है।
अपने दो बच्चों मोहित और प्रियांशु को गोद में लेकर आईं मीना जोशी का कहना था कि जब से शादी हुई है सड़क की समस्या झेल रही हूं। रोजमर्रा की परेशानियों के सामने आंदोलन के दौरान हो रही परेशानी झेलने में कोई हर्ज नहीं है।
अपने बेटे निश्चय को लेकर आईं किरन शर्मा का कहना है समस्या के स्थायी निदान के लिए कुछ दिन तो परेशानी झेलनी ही पड़ेगी। बेटी योगिता और बेटे ध्रुव को लेकर आईं गायत्री देवी का कहना था कि उनके साथ बच्चे भी भूखे, प्यासे और परेशान हैं लेकिन करें तो क्या करें। इसी तरह की बात बेटे प्रिंस को गोद में पकड़ी भगवती देवी ने भी कही। महिलाओं का कहना है कि वे सड़क निर्माण के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं।