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गोचर भूमि सीपीडब्लूडी को देने का विरोध
Updated Sat, 19 May 2018 11:32 PM IST
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अल्मोड़ा। जिले के मल्ला फलसीमा (बैसकोली) में ग्राम पंचायत की 45 नाली गोचर भूमि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्लूडी) को आवंटित करने के प्रयासों का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर गोचर भूमि किसी भी कीमत में विभाग को नहीं देने की मांग की है। उन्होंने गोचर भूमि सीपीडब्लूडी को देने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
ग्रामीणों ने बताया कि मल्ला फलसीमा (बैसकोली) में ग्राम पंचायत की 45 नाली गोचर भूमि है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भूमि को सीपीडब्लूडी को आवंटित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टाटिक, विरौड़ा, पिठौनी, सिराड़ आदि गांवों के लोगों का आम रास्ता इसी स्थान से गुजरता है। साथ ही प्रसिद्ध चितई ग्वल देवता मंदिर को भी इस स्थान से रास्ता गया है। इस स्थान पर ग्रामीणों का क्रियास्थल भी है। ग्रामीणों के पशुओं के लिए गोचर भूमि भी यही है। गोचर भूमि में दो साल पहले बच्चों के खेलने के लिए मैदान बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि ग्राम पंचायत की गोचर भूमि सीपीडब्लूडी को दे दी तो ग्रामीणों के हक-हकूक बंद हो जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में फलसीमा की प्रधान देवकी देवी, मनोज सिंह, मोहनी रौतला, किशन सिंह, दीवान सिंह, भूपेंद्र सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह, कुंदन सिंह, गोविंद सिंह, केशर सिंह, कुंवर सिंह, कृष्ण मोहन सिंह, हेमंत सिंह, विनोद कुमार, विनोद सिंह, नीरज सिंह, संजय सिंह, ललित मोहन सिंह, सागर सिंह, रवींद्र सिंह, मीना देवी, गंगा देवी, दीपा बिष्ट, संजय सिंह, पूजा, किशन सिंह, राजेंद्र सिंह, पुष्पा देवी, दीवान सिंह, रेखा बिष्ट, गीता बिष्ट आदि शामिल हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि मल्ला फलसीमा (बैसकोली) में ग्राम पंचायत की 45 नाली गोचर भूमि है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भूमि को सीपीडब्लूडी को आवंटित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टाटिक, विरौड़ा, पिठौनी, सिराड़ आदि गांवों के लोगों का आम रास्ता इसी स्थान से गुजरता है। साथ ही प्रसिद्ध चितई ग्वल देवता मंदिर को भी इस स्थान से रास्ता गया है। इस स्थान पर ग्रामीणों का क्रियास्थल भी है। ग्रामीणों के पशुओं के लिए गोचर भूमि भी यही है। गोचर भूमि में दो साल पहले बच्चों के खेलने के लिए मैदान बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि ग्राम पंचायत की गोचर भूमि सीपीडब्लूडी को दे दी तो ग्रामीणों के हक-हकूक बंद हो जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में फलसीमा की प्रधान देवकी देवी, मनोज सिंह, मोहनी रौतला, किशन सिंह, दीवान सिंह, भूपेंद्र सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह, कुंदन सिंह, गोविंद सिंह, केशर सिंह, कुंवर सिंह, कृष्ण मोहन सिंह, हेमंत सिंह, विनोद कुमार, विनोद सिंह, नीरज सिंह, संजय सिंह, ललित मोहन सिंह, सागर सिंह, रवींद्र सिंह, मीना देवी, गंगा देवी, दीपा बिष्ट, संजय सिंह, पूजा, किशन सिंह, राजेंद्र सिंह, पुष्पा देवी, दीवान सिंह, रेखा बिष्ट, गीता बिष्ट आदि शामिल हैं।
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