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प्राधिकरण के नियमों से लोग आजिज
Updated Sat, 19 May 2018 10:56 PM IST
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अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण बीते वर्ष 17 नवंबर को अस्तित्व में आया था। तब से लेकर करीब छह माह बीत गए हैं, लेकिन प्राधिकरण की नीतियों और नियमों को लेकर लोग परेशान हैं। इन छह माह में भवनों के लिए आवेदन करने वाले 32 लोगों में केवल दस लोगों के आवेदनों का ही निस्तारण हो सका है। 22 आवेदनों में अभी भी जांच चल रही है। वहीं दूसरी ओर प्राधिकरण के दफ्तर में अधिकांश पदों पर नियुक्ति ही नहीं की गई है।
प्राधिकरण बनने के बाद भवनों के निर्माण के लिए अब प्राधिकरण कार्यालय से स्वीकृति लेनी आवश्यक है। स्वीकृति के लिए भी लोगों को महीनों इंतजार करना पड़ रहा है। नियम इतने सख्त हैं कि लोगों को प्राधिकरण द्वारा नियुक्त मानचित्रकारों से नक्शे पास कराने के साथ भवन निर्माण संबंधी सभी दस्तावेज कार्यालय में जमा करने पड़ रहे हैं।
इसके बाद वन विभाग, भूगर्भ विभाग, लोनिवि, प्रांतीय खंड, एनएच, अग्निशमन, एसडीएम कार्यालय आदि छह-सात विभागों से एनओसी भी लेनी पड़ रही है। इसके बाद टाउन प्लानर द्वारा नक्शे पास किए जा रहे हैं। इन सब झमेलों के कारण छह माह में केवल दस लोगों के आवेदनों का ही निस्तारण हो सका है। प्राधिकरण के वरिष्ठ सहायक खीमानंद जोशी ने बताया कि विभिन्न विभागों से अनापत्ति न आने के कारण 22 आवेदनों का निस्तारण नहीं हो पाया है। एनओसी आते ही आवेदन निस्तारित कर दिए जाएंगे।
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प्राधिकरण बनने के बाद भवनों के निर्माण के लिए अब प्राधिकरण कार्यालय से स्वीकृति लेनी आवश्यक है। स्वीकृति के लिए भी लोगों को महीनों इंतजार करना पड़ रहा है। नियम इतने सख्त हैं कि लोगों को प्राधिकरण द्वारा नियुक्त मानचित्रकारों से नक्शे पास कराने के साथ भवन निर्माण संबंधी सभी दस्तावेज कार्यालय में जमा करने पड़ रहे हैं।
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इसके बाद वन विभाग, भूगर्भ विभाग, लोनिवि, प्रांतीय खंड, एनएच, अग्निशमन, एसडीएम कार्यालय आदि छह-सात विभागों से एनओसी भी लेनी पड़ रही है। इसके बाद टाउन प्लानर द्वारा नक्शे पास किए जा रहे हैं। इन सब झमेलों के कारण छह माह में केवल दस लोगों के आवेदनों का ही निस्तारण हो सका है। प्राधिकरण के वरिष्ठ सहायक खीमानंद जोशी ने बताया कि विभिन्न विभागों से अनापत्ति न आने के कारण 22 आवेदनों का निस्तारण नहीं हो पाया है। एनओसी आते ही आवेदन निस्तारित कर दिए जाएंगे।
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