{"_id":"5c460052bdec22739d536ff2","slug":"21548091474-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेरे से हाइटेंशन लाइन डालने का मामला गरमाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेरे से हाइटेंशन लाइन डालने का मामला गरमाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। बासुलीसेरा के सेरे में विद्युत विभाग द्वारा बिना ग्रामीणों की अनुमति के 132 केवी की हाइटेंशन लाइन डाले जाने का मामला गरमाने लगा है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी उपजाऊ भूमि से हाइटेंशन लाइन डाली गई तो लोक सभा के साथ पंचायत चुनाव का भी बहिष्कार होगा। प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक बेनतीजा रही। जनप्रतिनिधियों पर भी ग्रामीणों की सुुध नहीं लेने का आरोप लगाया गया।
एसडीएम रजा अब्बास के नेतृत्व में गांव में सोमवार को ऊर्जा निगम के अधिकारी पहुंचे। ग्रामीणों से वार्ता हुई, लेकिन ग्रामीणों ने सेरे से हाइटेंशन लाइन डालने का विरोध किया। प्राथमिक विद्यालय में हुई बैठक हंगामेदार रही। ग्रामीणों का आरोप था कि उन्हें लालच देकर बरगलाया जा रहा है। कहा कि ग्रामीण किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे। कहा कि इसके लिए लोकसभा और पंचायत चुनाव का भी बहिष्कार किया जाएगा।
कहा कि यदि किसी भी नेता ने अब उनके गांव में वोट मांगने के लिए घुसने की कोशिश भी की तो उसका विरोध किया जाएगा। कहा कि जनप्रतिनिधियों का भी रवैया ढुलमुल है, कोई भी नेता उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है। कहा कि संस्था ठेकेदार और विभाग द्वारा अफवाह फैलाई जा रही है कि यदि गांव वाले उनका विरोध जारी रखेंगे तो पुलिस के सहयोग से लाइन डाली जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि वह लोग विकास विरोधी नहीं हैं। हाइटेंशन लाइन को घन्याल के जंगल से होकर डाला जाए। कहा कि उनकी गेहूं की फसल तैयार हो रही है, कीमती फसल उजाड़ने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसडीएम रजा अब्बास के नेतृत्व में गांव में सोमवार को ऊर्जा निगम के अधिकारी पहुंचे। ग्रामीणों से वार्ता हुई, लेकिन ग्रामीणों ने सेरे से हाइटेंशन लाइन डालने का विरोध किया। प्राथमिक विद्यालय में हुई बैठक हंगामेदार रही। ग्रामीणों का आरोप था कि उन्हें लालच देकर बरगलाया जा रहा है। कहा कि ग्रामीण किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे। कहा कि इसके लिए लोकसभा और पंचायत चुनाव का भी बहिष्कार किया जाएगा।
विज्ञापन
कहा कि यदि किसी भी नेता ने अब उनके गांव में वोट मांगने के लिए घुसने की कोशिश भी की तो उसका विरोध किया जाएगा। कहा कि जनप्रतिनिधियों का भी रवैया ढुलमुल है, कोई भी नेता उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है। कहा कि संस्था ठेकेदार और विभाग द्वारा अफवाह फैलाई जा रही है कि यदि गांव वाले उनका विरोध जारी रखेंगे तो पुलिस के सहयोग से लाइन डाली जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि वह लोग विकास विरोधी नहीं हैं। हाइटेंशन लाइन को घन्याल के जंगल से होकर डाला जाए। कहा कि उनकी गेहूं की फसल तैयार हो रही है, कीमती फसल उजाड़ने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन