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मानचित्र स्वीकृत नहीं होने से 93 नए भवनों का निर्माण कार्य अटका
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अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) के नियमों का उल्लंघन करना नए भवन बनाने वालों को महंगा पड़ रहा है। नियमों के उल्लंघन करने पर प्राधिकरण 159 लोगों को नोटिस जारी कर चुका है। नोटिस मिलने से भवन बनाने वालों में हड़कंप मचा है। विभागीय अनापत्ति नहीं मिलने के कारण 93 मानचित्र प्राधिकरण में अटके पड़े हैं। इसके चलते भवन निर्माता नए भवनों का निर्माण कार्य शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
जिला विकास प्राधिकरण अस्तित्व में आने के बाद नया भवन बनाने की राह आसान नहीं रह गई है। नए भवन बनाने से पहले राजस्व, वन विभाग, नगर पालिका आदि विभागों से अनापत्ति लेनी पड़ती है। विभागीय अनापत्ति नहीं मिलने के कारण जिला विकास प्राधिकरण में 93 मानचित्र अटके पड़े हैं। मानचित्र स्वीकृत नहीं होने के कारण 93 लोग नए भवनों का निर्माण कार्य नहीं करा पा रहे हैं। विभागीय अनापत्ति लेने के लिए उन्हें विभिन्न विभागों के बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
जिसमें उनका काफी समय बर्बाद होने के साथ ही उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। प्राधिकरण बनने के बाद नए भवन बनाने के लिए मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य हो गया है। प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत नहीं होने के कारण नए भवन बनाने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नियमों का उल्लंघन करने पर प्राधिकरण अब तक 159 लोगों को नोटिस जारी कर चुका है। जिससे संबंधित लोग काफी परेशान हैं। प्राधिकरण बनने के बाद से अब तक कुल 150 भवन निर्माणकर्ताओं ने मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए आवेदन किया था। जिसमें से 56 ही स्वीकृत हो पाए हैं।
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कोट-
प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराने से पहले विभागीय अनापत्ति लेनी पड़ती है। विभागीय अनापत्ति मिलने के बाद प्राधिकरण मानचित्र स्वीकृत कर देता है। प्राधिकरण के नियमों के विपरीत यदि कोई भी भवननिर्माता भवन बनाता है तो उसे नोटिस दिया जाएगा।
कैलाश सिंह टोलिया, एडीएम और सचिव जिला विकास प्राधिकरण अल्मोड़ा।
जिला विकास प्राधिकरण अस्तित्व में आने के बाद नया भवन बनाने की राह आसान नहीं रह गई है। नए भवन बनाने से पहले राजस्व, वन विभाग, नगर पालिका आदि विभागों से अनापत्ति लेनी पड़ती है। विभागीय अनापत्ति नहीं मिलने के कारण जिला विकास प्राधिकरण में 93 मानचित्र अटके पड़े हैं। मानचित्र स्वीकृत नहीं होने के कारण 93 लोग नए भवनों का निर्माण कार्य नहीं करा पा रहे हैं। विभागीय अनापत्ति लेने के लिए उन्हें विभिन्न विभागों के बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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जिसमें उनका काफी समय बर्बाद होने के साथ ही उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। प्राधिकरण बनने के बाद नए भवन बनाने के लिए मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य हो गया है। प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत नहीं होने के कारण नए भवन बनाने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नियमों का उल्लंघन करने पर प्राधिकरण अब तक 159 लोगों को नोटिस जारी कर चुका है। जिससे संबंधित लोग काफी परेशान हैं। प्राधिकरण बनने के बाद से अब तक कुल 150 भवन निर्माणकर्ताओं ने मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए आवेदन किया था। जिसमें से 56 ही स्वीकृत हो पाए हैं।
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कोट-
प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराने से पहले विभागीय अनापत्ति लेनी पड़ती है। विभागीय अनापत्ति मिलने के बाद प्राधिकरण मानचित्र स्वीकृत कर देता है। प्राधिकरण के नियमों के विपरीत यदि कोई भी भवननिर्माता भवन बनाता है तो उसे नोटिस दिया जाएगा।
कैलाश सिंह टोलिया, एडीएम और सचिव जिला विकास प्राधिकरण अल्मोड़ा।