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जिला विकास प्राधिकरण का मुद्दा सीएम के सामने रखा
Updated Wed, 04 Apr 2018 11:16 PM IST
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अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) को हटाने की मांग को लेकर सर्वदलीय संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया और नागरिकों के हित में प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग की।
इधर पूर्व विधायक मनोज तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात करके प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने शिष्टमंडलों को बताया कि डीडीए में मानचित्र के शुल्क को 70 प्रतिशत कम कर दिया गया है।
सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में सर्वदलीय संघर्ष समिति ने कहा कि प्राधिकरण लागू होने से अल्मोड़ा में आम नागरिकों की समस्याएं काफी बढ़ गई हैं और भवन निर्माण रुक गए हैं। प्राचीन नगर होने और भौगोलिक स्थिति के कारण यहां प्राधिकरण लागू करना न्यायोचित नहीं है।
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उन्होंने कहा कि भवन निर्माण के लिए दो मीटर का पैदल रास्ते, तीन तथा चार मंजिले मकानों के निमार्णों में पार्किंग की अनिवार्यता रखी गई है। जो अल्मोड़ा जैसे नगरों में संभव नहीं है। ज्ञापन देने वालों में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश परिहार, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, रोहित कार्की, आनंद सिंह बगडवाल आदि शामिल थे।
इधर पूर्व विधायक मनोज तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी अलग से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की। इस दौरान कांग्रेसियों ने जिला विकास प्राधिकरण से आम जनता को हो रही दिक्कतों के बारे में मुख्यमंत्री से चर्चा की।
जिस पर मुख्यमंत्री ने व्यापक विचार-विमर्श करने और कमियों को दूर करने का आश्वासन दिया। कांग्रेस के शिष्टमंडल में पूर्व विधायक मनोज तिवारी के अलावा पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, त्रिलोचन जोशी, मनोज सनवाल, अख्तर हुसैन, दीप सिंह डांगी, लता तिवारी, दीपक मेहता शामिल थे। ब्यूरो
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इधर पूर्व विधायक मनोज तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात करके प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने शिष्टमंडलों को बताया कि डीडीए में मानचित्र के शुल्क को 70 प्रतिशत कम कर दिया गया है।
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सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में सर्वदलीय संघर्ष समिति ने कहा कि प्राधिकरण लागू होने से अल्मोड़ा में आम नागरिकों की समस्याएं काफी बढ़ गई हैं और भवन निर्माण रुक गए हैं। प्राचीन नगर होने और भौगोलिक स्थिति के कारण यहां प्राधिकरण लागू करना न्यायोचित नहीं है।
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उन्होंने कहा कि भवन निर्माण के लिए दो मीटर का पैदल रास्ते, तीन तथा चार मंजिले मकानों के निमार्णों में पार्किंग की अनिवार्यता रखी गई है। जो अल्मोड़ा जैसे नगरों में संभव नहीं है। ज्ञापन देने वालों में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश परिहार, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, रोहित कार्की, आनंद सिंह बगडवाल आदि शामिल थे।
इधर पूर्व विधायक मनोज तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी अलग से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की। इस दौरान कांग्रेसियों ने जिला विकास प्राधिकरण से आम जनता को हो रही दिक्कतों के बारे में मुख्यमंत्री से चर्चा की।
जिस पर मुख्यमंत्री ने व्यापक विचार-विमर्श करने और कमियों को दूर करने का आश्वासन दिया। कांग्रेस के शिष्टमंडल में पूर्व विधायक मनोज तिवारी के अलावा पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, त्रिलोचन जोशी, मनोज सनवाल, अख्तर हुसैन, दीप सिंह डांगी, लता तिवारी, दीपक मेहता शामिल थे। ब्यूरो