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रोजगार नहीं होने से पहाड़ के गांवों से बढ़ रहा पलायन
Updated Mon, 31 Jul 2017 11:03 PM IST
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अल्मोड़ा। धर्म निरपेक्ष युवा मंच के गांव चलो अभियान के तहत सदस्यों ने भैंसियाछाना ब्लॉक के उटिया, कांचुला, गेवाइथल, गुजयाथल, इरा, पानीयाथल, महत, टांगणी आदि ग्राम पंचायतों का भ्रमण किया। ग्रामीणों ने मंच के सदस्यों को बताया कि गांव में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं है, इस कारण पलायन बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि गेवाइथल, गुजयाथल में काफी दुग्ध उत्पादन होता है। पहले वह दूध को डेयरी में बेचते थे, लेकिन उचित दाम नहीं मिलने के कारण अब दूध को धौलछीना बाजार में बचने को मजबूर हैं। कांचुला ग्राम पंचायत में सब्जी का उत्पादन होता है, लेकिन विपणन की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण किसान औने-पौने दामों में सब्जी बेचने को मजबूर हैं। पंरपरागत खेती को बंदर, सूअर नष्ट कर दे रहे हैं। साल भर मेहनत करने के बाद भी किसानों को मुनाफा नहीं हो रहा है।
उटिया के प्रधान हरीश सिंह नेगी ने बताया कि मनरेगा की मजदूरी का 2016 से भुगतान नहीं किया गया है। मंच के सदस्यों ने ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन देने वालों में विनय किरौला, गोपाल मोहन भट्ट, कमल जोशी, दीवान मेहता, महेंद्र मेहता, कृष्णा मेहता, अंजलि बोरा, शरद भाकुनी, दीपक कुमार, संतोष कुमार, ललित मोहन पंत, नरेंद्र बिष्ट आदि शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि गेवाइथल, गुजयाथल में काफी दुग्ध उत्पादन होता है। पहले वह दूध को डेयरी में बेचते थे, लेकिन उचित दाम नहीं मिलने के कारण अब दूध को धौलछीना बाजार में बचने को मजबूर हैं। कांचुला ग्राम पंचायत में सब्जी का उत्पादन होता है, लेकिन विपणन की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण किसान औने-पौने दामों में सब्जी बेचने को मजबूर हैं। पंरपरागत खेती को बंदर, सूअर नष्ट कर दे रहे हैं। साल भर मेहनत करने के बाद भी किसानों को मुनाफा नहीं हो रहा है।
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उटिया के प्रधान हरीश सिंह नेगी ने बताया कि मनरेगा की मजदूरी का 2016 से भुगतान नहीं किया गया है। मंच के सदस्यों ने ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन देने वालों में विनय किरौला, गोपाल मोहन भट्ट, कमल जोशी, दीवान मेहता, महेंद्र मेहता, कृष्णा मेहता, अंजलि बोरा, शरद भाकुनी, दीपक कुमार, संतोष कुमार, ललित मोहन पंत, नरेंद्र बिष्ट आदि शामिल हैं।
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