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दूषित पेयजल उपयोग में लाने से होते हैं जल जनित रोग
Updated Mon, 26 Jun 2017 10:58 PM IST
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बीमारियों से बचना है तो शुद्ध जल पिएं
अल्मोड़ा। आईक्यू अस्पताल करबला में जल ही जीवन है विषय पर हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि दूषित पेयजल को उपयोग में लाने से कई जल जनित रोग हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से स्वच्छ जल को उपयोग में जाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बारिश होने पर नलों में गंदा पानी आता है। गंदा पेयजल को उपयोग में नहीं लाना चाहिए। दूषित पानी के सेवन से डाइरिया, टाइफाइट, पीलिया, दस्त समेत पेट से संबंधित तमाम रोग हो जाते हैं। यदि समय रहते इनका उपचार नहीं किया गया तो धीरे-धीरे यह रोग गंभीर हो जाते हैं। बरसात के दिनों में उबला हुआ पानी ही पानी चाहिए या फिल्टर का प्रयोग करना चाहिए। नौलों और स्टैंड पोस्टों के आसपास सफाई रखें। गंदगी होने से पानी भी दूषित हो जाता है। उन्होंने कहा कि जल जनित रोगों से बचने के लिए लोगों को सफाई के प्रति जागरूक किया जाए।
पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डा. जेसी दुर्गापाल ने कहा कि तांबे के बर्तन में रखे गए पानी को इस्तेमाल में लाने से लाभ मिलेगा। शरीर में 75 प्रतिशत जल ही है। शुद्ध जल का प्रयोग करने से डाइरिया, उल्टी, पेट का खराब रहना, टाइफाइड, पीलिया, मुंह के छाले जैसे रोगों से बचा जा सकता है। गोष्ठी में रितेश बनकोटी, रेखा दुर्गापाल, केशर अधिकारी, भास्कर, नीरज ततराजी, राजू जोशी, बालम नेगी आदि मौजूद थे।
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अल्मोड़ा। आईक्यू अस्पताल करबला में जल ही जीवन है विषय पर हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि दूषित पेयजल को उपयोग में लाने से कई जल जनित रोग हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से स्वच्छ जल को उपयोग में जाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बारिश होने पर नलों में गंदा पानी आता है। गंदा पेयजल को उपयोग में नहीं लाना चाहिए। दूषित पानी के सेवन से डाइरिया, टाइफाइट, पीलिया, दस्त समेत पेट से संबंधित तमाम रोग हो जाते हैं। यदि समय रहते इनका उपचार नहीं किया गया तो धीरे-धीरे यह रोग गंभीर हो जाते हैं। बरसात के दिनों में उबला हुआ पानी ही पानी चाहिए या फिल्टर का प्रयोग करना चाहिए। नौलों और स्टैंड पोस्टों के आसपास सफाई रखें। गंदगी होने से पानी भी दूषित हो जाता है। उन्होंने कहा कि जल जनित रोगों से बचने के लिए लोगों को सफाई के प्रति जागरूक किया जाए।
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पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डा. जेसी दुर्गापाल ने कहा कि तांबे के बर्तन में रखे गए पानी को इस्तेमाल में लाने से लाभ मिलेगा। शरीर में 75 प्रतिशत जल ही है। शुद्ध जल का प्रयोग करने से डाइरिया, उल्टी, पेट का खराब रहना, टाइफाइड, पीलिया, मुंह के छाले जैसे रोगों से बचा जा सकता है। गोष्ठी में रितेश बनकोटी, रेखा दुर्गापाल, केशर अधिकारी, भास्कर, नीरज ततराजी, राजू जोशी, बालम नेगी आदि मौजूद थे।
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