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15 दिन के भीतर चार जिलों वाले लोकसभा क्षेत्र में मुश्किल भरा होगा प्रचार अभियान
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अल्मोड़ा। लोकसभा चुनाव के इतिहास में पहली बार प्रत्याशियों को प्रचार के लिए सिर्फ 15 दिन का वक्त मिल रहा है। ऐसे में चार जिलों और 14 विधानसभा सीटों वाले अल्मोड़ा लोकसभा क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच दोनों ही पार्टियों को प्रचार अभियान में काफी मुश्किलें आएंगी।
इतने कम दिनों में प्रत्याशियों के लिए पूरे लोकसभा क्षेत्र में भ्रमण करना संभव नहीं हो पाएगा। ग्रामीण इलाकों में तो दूर प्रत्याशियों के लिए दो सप्ताह के भीतर सड़क वाले इलाकों में भी जनसंपर्क करना आसान नहीं होगा।
पहले चरण में 11 अप्रैल को उत्तराखंड की पांचों सीटों पर भी मतदान होना है।
राजनीतिक दलों को उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्द चुनाव सामने आ जाएंगे। फिर चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के कई दिनों तक प्रत्याशियों की सूची लटकी रही। उसके बाद होली का पर्व आ जाने से भी प्रचार शुरू नहीं हो सका। स्थिति यह है कि सोमवार को नामांकन की अंतिम तिथि है, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशियों की अधिकृत सूची शाम तक जारी नहीं हो सकी थी। दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशियों की सूची भी दो दिन पहले ही जारी हुई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशी 25 मार्च को नामांकन कराएंगे। उसके बाद प्रचार के लिए सिर्फ 15 दिन उपलब्ध रहेंगे।
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बता दें कि अल्मोड़ा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर चारों जिले शामिल हैं। प्रचार की दृष्टि से चंपावत के टनकपुर इलाके को छोड़कर चारों जिलों की भौगोलिक स्थितियां काफी विषम हैं। ऐसे में जिस दल का संगठन मजबूत होगा उसके लिए मुश्किलें अपेक्षाकृत कम होंगी।
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इतने कम दिनों में प्रत्याशियों के लिए पूरे लोकसभा क्षेत्र में भ्रमण करना संभव नहीं हो पाएगा। ग्रामीण इलाकों में तो दूर प्रत्याशियों के लिए दो सप्ताह के भीतर सड़क वाले इलाकों में भी जनसंपर्क करना आसान नहीं होगा।
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पहले चरण में 11 अप्रैल को उत्तराखंड की पांचों सीटों पर भी मतदान होना है।
राजनीतिक दलों को उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्द चुनाव सामने आ जाएंगे। फिर चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के कई दिनों तक प्रत्याशियों की सूची लटकी रही। उसके बाद होली का पर्व आ जाने से भी प्रचार शुरू नहीं हो सका। स्थिति यह है कि सोमवार को नामांकन की अंतिम तिथि है, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशियों की अधिकृत सूची शाम तक जारी नहीं हो सकी थी। दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशियों की सूची भी दो दिन पहले ही जारी हुई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशी 25 मार्च को नामांकन कराएंगे। उसके बाद प्रचार के लिए सिर्फ 15 दिन उपलब्ध रहेंगे।
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बता दें कि अल्मोड़ा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर चारों जिले शामिल हैं। प्रचार की दृष्टि से चंपावत के टनकपुर इलाके को छोड़कर चारों जिलों की भौगोलिक स्थितियां काफी विषम हैं। ऐसे में जिस दल का संगठन मजबूत होगा उसके लिए मुश्किलें अपेक्षाकृत कम होंगी।