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विज्ञान पढने के लिए 85 किमी दूर रामनगर जा रहे हैं बच्चे
Updated Fri, 27 Jul 2018 11:52 PM IST
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मानिला (अल्मोड़ा)। सल्ट ब्लाक के राजकीय इंटर कालेज क्वैराला में प्रवक्ताओं के खाली पदों पर अभी तक तैनाती नहीं हो पाई है। सरकार ने विद्यालय में इंटर में विज्ञान वर्ग तो खोल दिया लेकिन विज्ञान के शिक्षक नहीं भेजे। विज्ञान की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को 85 किमी दूर रामनगर या फिर दस किमी दूर मानिला जाना पड़ रहा है।
राजकीय इंटर कालेज क्वैराला में हिंदी, संस्कृत, अर्थशास्त्र, इतिहास, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान प्रवक्ता के पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। एलटी संवर्ग में विज्ञान तथा अंग्रेजी की शिक्षिका इस शिक्षा सत्र के शुरुआत से ही अवकाश में चल रही हैं। विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद भी खाली चल रहा है। संस्कृत, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान प्रवक्ताओं के पदों पर विद्यालय उच्चीकरण के दस साल बाद भी नियुक्ति नहीं हो सकी है। विज्ञान की पढ़ाई के लिए बच्चों को 85 किमी दूर रामनगर या दस किमी दूर मानिला, या फिर 25 किमी दूर भिकियासैंण जाना पड़ रहा है। विद्यालय में मदगांव, सैंणामानुर, डबरा, इन्हलों श्रीनगर, मंगरों, चमखला, सनणा, रणकुना समेत आठ से दस किमी दूर आसपास के गांवों से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। शिक्षक नहीं होने के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
अभिभावक संघ के अध्यक्ष भुवन चंद्र पंत तथा कोषाध्यक्ष गंगा सिंह ने बताया कि अभिभावक शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को इस संबंध में कई बार अवगत करा चुके हैं लेकिन विद्यालय में शिक्षक नहीं भेजे गए। जिला पंचायत उपाध्यक्ष शिवेंद्र रावत ने शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र जल्द नियुक्ति नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
राजकीय इंटर कालेज क्वैराला में हिंदी, संस्कृत, अर्थशास्त्र, इतिहास, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान प्रवक्ता के पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। एलटी संवर्ग में विज्ञान तथा अंग्रेजी की शिक्षिका इस शिक्षा सत्र के शुरुआत से ही अवकाश में चल रही हैं। विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद भी खाली चल रहा है। संस्कृत, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान प्रवक्ताओं के पदों पर विद्यालय उच्चीकरण के दस साल बाद भी नियुक्ति नहीं हो सकी है। विज्ञान की पढ़ाई के लिए बच्चों को 85 किमी दूर रामनगर या दस किमी दूर मानिला, या फिर 25 किमी दूर भिकियासैंण जाना पड़ रहा है। विद्यालय में मदगांव, सैंणामानुर, डबरा, इन्हलों श्रीनगर, मंगरों, चमखला, सनणा, रणकुना समेत आठ से दस किमी दूर आसपास के गांवों से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। शिक्षक नहीं होने के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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अभिभावक संघ के अध्यक्ष भुवन चंद्र पंत तथा कोषाध्यक्ष गंगा सिंह ने बताया कि अभिभावक शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को इस संबंध में कई बार अवगत करा चुके हैं लेकिन विद्यालय में शिक्षक नहीं भेजे गए। जिला पंचायत उपाध्यक्ष शिवेंद्र रावत ने शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र जल्द नियुक्ति नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
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