{"_id":"5bb4f773867a55787b0286fb","slug":"191538586483-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीबी पंत संस्थान के शोधार्थियों ने धौलछीना बाजार में चलाया सफाई अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीबी पंत संस्थान के शोधार्थियों ने धौलछीना बाजार में चलाया सफाई अभियान
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धौलछीना(अल्मोड़ा)। जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान कोसी कटारमल के शोधार्थियों ने धौलछीना बाजार में सफाई अभियान चलाया। नुक्कड़ नाटक के जरिए शोधार्थियों ने लोगों को वन्य जीव संरक्षण और सफाई के प्रति जागरूक किया।
शोधार्थियों के दल ने सर्वप्रथम बिनसर अभ्यारण्य में जाकर वन्यजीवों के बारे में अध्ययन किया। बाद में व्यापार मंडल के सहयोग से बाजार में स्वच्छता रैली निकाली और आसपास फैले कूड़े को एकत्र कर नष्ट किया। इससे पूर्व सुबह संस्थान के निदेशक डा. रणबीर रावत ने हरी झंडी दिखाकर 44 लोगों के दल को कोसी से रवाना किया।
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक समुदाय, परिवारों को प्रकृति से जोड़ना, मानव के अंदर संरक्षण की भावना पैदा करना और वन्य जीव और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि शोधार्थियों का दल अब 8 अक्तूबर तक पिथैारागढ़ जिले के गोरी और चैदास क्षेत्रों का भ्रमण कर वन्य जीवों के संबंधित जानकारी एकत्र करेगा। इस दौरान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गिरीश नेगी, व्यापार मंडल अध्यक्ष दरबान सिंह रावत, केशर सिंह महरा, डॉ. आईडी भट्ट, डॉ चंद्रशेखर, डॉ. सुबोध ऐरी, डॉ रविंद्र जोशी, रवि पाठक, डॉ. गिरीश नेगी, रेनू सुयाल आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शोधार्थियों के दल ने सर्वप्रथम बिनसर अभ्यारण्य में जाकर वन्यजीवों के बारे में अध्ययन किया। बाद में व्यापार मंडल के सहयोग से बाजार में स्वच्छता रैली निकाली और आसपास फैले कूड़े को एकत्र कर नष्ट किया। इससे पूर्व सुबह संस्थान के निदेशक डा. रणबीर रावत ने हरी झंडी दिखाकर 44 लोगों के दल को कोसी से रवाना किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक समुदाय, परिवारों को प्रकृति से जोड़ना, मानव के अंदर संरक्षण की भावना पैदा करना और वन्य जीव और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि शोधार्थियों का दल अब 8 अक्तूबर तक पिथैारागढ़ जिले के गोरी और चैदास क्षेत्रों का भ्रमण कर वन्य जीवों के संबंधित जानकारी एकत्र करेगा। इस दौरान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गिरीश नेगी, व्यापार मंडल अध्यक्ष दरबान सिंह रावत, केशर सिंह महरा, डॉ. आईडी भट्ट, डॉ चंद्रशेखर, डॉ. सुबोध ऐरी, डॉ रविंद्र जोशी, रवि पाठक, डॉ. गिरीश नेगी, रेनू सुयाल आदि शामिल रहे।
विज्ञापन