दुग्ध सचिव और उत्पादक मांगों को लेकर 18 से फिर आंदोलन करेंगे
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मांगें पूरी नहीं होने से दुग्ध संघ के पदाधिकारियों में नाराजगी है। पदाधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर कई बार आंदोलन हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन हर बार झूठे आश्वासनों के माध्यम से उन्हें गुमराह कर रहा है। तय हुआ कि 18 दिसंबर से चौखुटिया अवशीतक केंद्र से आंदोलन की शुरूआत की जाएगी।
दुग्ध विकास संगठन सचिव और दुग्ध उत्पादकों की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 27 नवंबर को चौखुटिया में एसडीएम ने लिखित आश्वासन दिया था, जिसमें 15 दिन के भीतर मांगों पर कार्रवाई करने को कहा गया था, लेकिन अभी तक कोइ जांच नहीं की गई है।
प्रभारी उपार्जन को उसके पद से हटाकर जांच करने, जांच में आरोपकर्ता को भी सुनने, संस्था के प्रबंध समिति के सभी सदस्यों की नियमानुसार अर्हता जांच करने, प्रभारी उपार्जन को दो हजार रुपये अतिरिक्त मानदेय को बंद करने, बोर्ड प्रस्ताव के आधार पर उसकी वसूली करने, दूध की क्रय दर दो रुपये प्रति लीटर बढ़ाने, प्रोत्साहन राशि सभी को भुगतान करने, उत्पादकों को दूध का भुगतान नियमित करने, समितियों को हैड लोड जांच के अनुसार दिए जाने, परिवहन व्यवस्था में सुधार करने सहित तमाम मांगों पर सहमति बनी थी।
इसके बाद संगठन ने आंदोलन स्थगित किया था, लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हो पाई है। उत्पादकों ने प्रधान प्रबंधक दुग्ध संघ सहित तमाम अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर 18 दिसंबर से पुन: आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। बैठक में आनंद सिंह बिष्ट, मोहन सिंह, त्रिभुवन चंद्र तिवारी, प्रताप सिंह, विपिन हर्बोला, बृज मोहन फुलारा, हीरा सिंह, दीपक तिवारी, गोविंद प्रसाद आदि मौजूद रहे।