{"_id":"5cba0b56bdec2214374a9395","slug":"181555696470-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य में विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण को मान्यता नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य में विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण को मान्यता नहीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अल्मोड़ा। राज्य बने 18 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन प्रदेश में विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण को मान्यता नहीं मिल पाई है। सचिव उत्तराखंड शासन आर. मीनाक्षी सुंदरम ने छह माह के विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण (ब्रिज कोर्स) को मान्यता दिए जाने को लेकर सदस्य सचिव राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) दिल्ली को पत्र भेजा है।
पत्र में कहा गया है कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए बीएड, बीपीएड, डीपीएड, सीपीएड (1997 से पूर्व) प्रशिक्षित शिक्षकों को छह माह का विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण डायट में कराया गया। वहीं 2012 से नियुक्त शिक्षक विशिष्ट बीटीसी के साथ टीईटी और सीटीईटी भी उत्तीर्ण हैं। उत्तर प्रदेश के समय से राज्य में विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण का आयोजन किया जाता रहा है। राज्य गठन के बाद उत्तर में लागू नियमों के अनुसार ही उत्तराखंड में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
राज्य सरकार द्वारा विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण को मान्यता प्रदान करने के लिए समय-समय पर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से अनुरोध किया जाता रहा है। राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को एनसीटीई की मान्यता प्राप्त न होने की स्थिति में शैक्षिक कार्यक्रमों के संचालन में कठिनाई उत्पन्न होगी। उन्होंने पत्र में वर्ष 2001 से 2017 तक विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त 16608 शिक्षकों की वर्षवार सूची भी प्रेषित की है। उन्होंने राज्य में छह माह के विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण (ब्रिज कोर्स) कार्यक्रम को मान्यता देने का अनुरोध किया है।
पत्र में कहा गया है कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए बीएड, बीपीएड, डीपीएड, सीपीएड (1997 से पूर्व) प्रशिक्षित शिक्षकों को छह माह का विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण डायट में कराया गया। वहीं 2012 से नियुक्त शिक्षक विशिष्ट बीटीसी के साथ टीईटी और सीटीईटी भी उत्तीर्ण हैं। उत्तर प्रदेश के समय से राज्य में विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण का आयोजन किया जाता रहा है। राज्य गठन के बाद उत्तर में लागू नियमों के अनुसार ही उत्तराखंड में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
विज्ञापन
राज्य सरकार द्वारा विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण को मान्यता प्रदान करने के लिए समय-समय पर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से अनुरोध किया जाता रहा है। राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को एनसीटीई की मान्यता प्राप्त न होने की स्थिति में शैक्षिक कार्यक्रमों के संचालन में कठिनाई उत्पन्न होगी। उन्होंने पत्र में वर्ष 2001 से 2017 तक विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त 16608 शिक्षकों की वर्षवार सूची भी प्रेषित की है। उन्होंने राज्य में छह माह के विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण (ब्रिज कोर्स) कार्यक्रम को मान्यता देने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन