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समर्पित भाव से काम करती है आंगनबाड़ी कार्यकर्ती आशा
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:25 PM IST
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अल्मोड़ा। जिले के लमगड़ा विकासखंड अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र सांगडसाहू की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशा आर्या को शुक्रवार को देहरादून में हुए एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और महिला सशक्तीकरण राज्य मंत्री रेखा आर्या ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार से सम्मानित किया। आशा को 35 किशोरियों को नंदादेवी गौरव कन्या धन योजना का लाभ दिलाने समेत अन्य उत्कृष्ट कार्यों के लिए यह पुरस्कार मिला है। पुरस्कार मिलने से उनके गांव में खुशी की लहर है।
डबल एमए पास आशा आर्या 2003 से आंगनबाड़ी केंद्र सांगडसाहू में कार्यरत हैं। पुरस्कार के तौर पर उन्हें दस हजार रुपये का चेक, प्रमाण पत्र तथा शॉल प्रदान किया गया। आशा ने 35 किशोरियों को नंदादेवी गौरव कन्या धन योजना का लाभ दिलाया है। गर्भवती, धात्री और किशोरियों को रूबेला के शत-प्रतिशत टीके लगाए। उनके केंद्र में कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं है। उनके प्रयासों से आंगनबाड़ी केंद्र का भवन बन गया है। गर्भवती औरधात्री महिलाओं को वह खुद अस्पताल ले जाकर उनका परीक्षण कराती हैं।
उन्होंने सभी बच्चों का आधार कार्ड और जन्म पत्र भी बनवाए हैं। टीकाकरण, कुक्ड फूड आदि योजनाओं में सराहनीय काम किया है। उन्होंने बताया आंगनबाड़ी केंद्र में साप्ताहिक मीनू के अनुसार ही भोजन बनता है। विभागीय कार्यों के अलावा वह बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ का संदेश देकर लोगों को जागरूक करती हैं। उनके पति राजेंद्र प्रसाद रोडवेज में परिचालक हैं। बड़ी बेटी दीक्षा आर्या ने बीफार्मा किया है। छोटी बेटी अंजलि इंटर में पढ़ती है। बेटा निखिल 11वीं और सबसे छोटी बेटी प्रची नौवीं की छात्रा हैं।
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डबल एमए पास आशा आर्या 2003 से आंगनबाड़ी केंद्र सांगडसाहू में कार्यरत हैं। पुरस्कार के तौर पर उन्हें दस हजार रुपये का चेक, प्रमाण पत्र तथा शॉल प्रदान किया गया। आशा ने 35 किशोरियों को नंदादेवी गौरव कन्या धन योजना का लाभ दिलाया है। गर्भवती, धात्री और किशोरियों को रूबेला के शत-प्रतिशत टीके लगाए। उनके केंद्र में कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं है। उनके प्रयासों से आंगनबाड़ी केंद्र का भवन बन गया है। गर्भवती औरधात्री महिलाओं को वह खुद अस्पताल ले जाकर उनका परीक्षण कराती हैं।
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उन्होंने सभी बच्चों का आधार कार्ड और जन्म पत्र भी बनवाए हैं। टीकाकरण, कुक्ड फूड आदि योजनाओं में सराहनीय काम किया है। उन्होंने बताया आंगनबाड़ी केंद्र में साप्ताहिक मीनू के अनुसार ही भोजन बनता है। विभागीय कार्यों के अलावा वह बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ का संदेश देकर लोगों को जागरूक करती हैं। उनके पति राजेंद्र प्रसाद रोडवेज में परिचालक हैं। बड़ी बेटी दीक्षा आर्या ने बीफार्मा किया है। छोटी बेटी अंजलि इंटर में पढ़ती है। बेटा निखिल 11वीं और सबसे छोटी बेटी प्रची नौवीं की छात्रा हैं।
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