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जिले के 187 गांव और तोक में पेयजल की गंभीर समस्या
Updated Fri, 20 Apr 2018 11:08 PM IST
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अल्मोड़ा। गर्मी बढ़ते ही जिले में ग्रामीण इलाकों में पेयजल की किल्लत गहराने लगी है। जल संस्थान कई सालों से इस समस्या का निदान नहीं कर पा रहा है। इससे प्रभावित गांवों के ग्रामीणों को हर रोज भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन गांव के लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तरीके से योजनाएं भी नहीं बनी है।
अब जल संस्थान ने शासन को इस संबंध में पत्र भेजकर प्रभावित जगहों में टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 70.95 लाख रुपये की मांग की है। जल संस्थान ने शासन को भेजी रिपोर्ट में माना है कि जिले में 187 गांव तथा तोक में पेयजल समस्या है। इसमें अल्मोड़ा में 65 गांव, रानीखेत में 79 और सल्ट में 43 गांव और तोक शामिल हैं।
इसके अलावा अल्मोड़ा, रानीखेत के शहरी इलाके में भी करीब 35 मोहल्लों में पेयजल की किल्लत बनी हुई है। प्रभावित गांव और तोकों में पेयजल स्रोत सूख चुके हैं जहां कहीं थोड़ा बहुत पानी है भी तो वह पर्याप्त रूप से लोगों को उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जल संस्थान के पास वर्तमान में अल्मोड़ा, रानीखेत में चार-चार और सल्ट में एक विभागीय पेयजल टैंकर है।
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जिले की आबादी के लिहाज से यह नाकाफी है। वर्तमान में जिले में दस किराए के टैंकरों की जरूरत है। इसके अलावा जिले में 1,259 हैंडपंप हैं। इनमें अल्मोड़ा में 532, रानीखेत में 606 और सल्ट में 121 हैंडपंप लगे हैं। इनमें करीब एक दर्जन हैंडपंप खराब हैं या फिर उनमें गंदा पानी आता है जो पीने योग्य नहीं है। जल संस्थान ने अब पेयजल समस्या और प्रभावित गांव, तोकों के बारे में डीएम को भी अपनी रिपोर्ट दे दी है।
गर्मियों में पेयजल प्रभावित गांव और तोकों में टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शासन से 70.95 लाख रुपये की मांग की जा रही है। शासन को पेयजल प्रभावित क्षेत्रों का ब्यौरा भी भेजा जा रहा है। फिलहाल जल संस्थान ने किराए के प्राइवेट टैंकर और पिकअप से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टेंडर करवा लिए हैं। - केएस खाती, अधिशासी अभियंता जल संस्थान
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अब जल संस्थान ने शासन को इस संबंध में पत्र भेजकर प्रभावित जगहों में टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 70.95 लाख रुपये की मांग की है। जल संस्थान ने शासन को भेजी रिपोर्ट में माना है कि जिले में 187 गांव तथा तोक में पेयजल समस्या है। इसमें अल्मोड़ा में 65 गांव, रानीखेत में 79 और सल्ट में 43 गांव और तोक शामिल हैं।
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इसके अलावा अल्मोड़ा, रानीखेत के शहरी इलाके में भी करीब 35 मोहल्लों में पेयजल की किल्लत बनी हुई है। प्रभावित गांव और तोकों में पेयजल स्रोत सूख चुके हैं जहां कहीं थोड़ा बहुत पानी है भी तो वह पर्याप्त रूप से लोगों को उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जल संस्थान के पास वर्तमान में अल्मोड़ा, रानीखेत में चार-चार और सल्ट में एक विभागीय पेयजल टैंकर है।
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जिले की आबादी के लिहाज से यह नाकाफी है। वर्तमान में जिले में दस किराए के टैंकरों की जरूरत है। इसके अलावा जिले में 1,259 हैंडपंप हैं। इनमें अल्मोड़ा में 532, रानीखेत में 606 और सल्ट में 121 हैंडपंप लगे हैं। इनमें करीब एक दर्जन हैंडपंप खराब हैं या फिर उनमें गंदा पानी आता है जो पीने योग्य नहीं है। जल संस्थान ने अब पेयजल समस्या और प्रभावित गांव, तोकों के बारे में डीएम को भी अपनी रिपोर्ट दे दी है।
गर्मियों में पेयजल प्रभावित गांव और तोकों में टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शासन से 70.95 लाख रुपये की मांग की जा रही है। शासन को पेयजल प्रभावित क्षेत्रों का ब्यौरा भी भेजा जा रहा है। फिलहाल जल संस्थान ने किराए के प्राइवेट टैंकर और पिकअप से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टेंडर करवा लिए हैं। - केएस खाती, अधिशासी अभियंता जल संस्थान