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वन श्रमिकों का नियमितीकरण वरिष्ठता सूची के आधार पर किया जाए
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अल्मोड़ा। कुमाऊं वन श्रमिक संघ की यहां हुई बैठक में वक्ताओं ने वन श्रमिकों को सातवें वेतनमान का लाभ नहीं देने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वन श्रमिकों का नियमितीकरण वरिष्ठता सूची के आधार पर किया जाए। ऐसा न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वन श्रमिकों को विभिन्न दरों से भुगतान किया जा रहा है। कुछ वन श्रमिक ऐसे हैं जो माह में 30 दिन कार्य कर 26 दिन का पारिश्रमिक पांच- छह हजार रुपये ले रहे हैं। जबकि वन श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 7200 तथा 8300 रुपये निर्धारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 में फायर सीजन के दौरान वन श्रमिकों को फायर सामग्री टार्च, वाटर बोतल, वर्दी, जूता आदि नहीं दिए गए हैं।
कहा कि श्रमिकों को यह सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं करायी गई तो श्रमिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। बैठक में संघ का चुनाव दस मार्च को कराने का फैसला लिया गया। अध्यक्षता बसंत बल्लभ पांडेय ने और संचालन त्रिलोचन भट्ट और नवीन तिवारी ने किया। बैठक में हीरा सिंह, बची राम, बसंत बल्लभ, गोधन राम, चंदन सिंह, उत्तम सिंह, प्रताप सिंह, कृपाल दत्त, गोविंद सिंह आदि मौजूद थे।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वन श्रमिकों को विभिन्न दरों से भुगतान किया जा रहा है। कुछ वन श्रमिक ऐसे हैं जो माह में 30 दिन कार्य कर 26 दिन का पारिश्रमिक पांच- छह हजार रुपये ले रहे हैं। जबकि वन श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 7200 तथा 8300 रुपये निर्धारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 में फायर सीजन के दौरान वन श्रमिकों को फायर सामग्री टार्च, वाटर बोतल, वर्दी, जूता आदि नहीं दिए गए हैं।
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कहा कि श्रमिकों को यह सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं करायी गई तो श्रमिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। बैठक में संघ का चुनाव दस मार्च को कराने का फैसला लिया गया। अध्यक्षता बसंत बल्लभ पांडेय ने और संचालन त्रिलोचन भट्ट और नवीन तिवारी ने किया। बैठक में हीरा सिंह, बची राम, बसंत बल्लभ, गोधन राम, चंदन सिंह, उत्तम सिंह, प्रताप सिंह, कृपाल दत्त, गोविंद सिंह आदि मौजूद थे।
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