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काफी खर्चीला बैठ गया बंदर पकडने का अभियान
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:12 PM IST
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अल्मोड़ा। नगर पालिका ने पिछले 12 दिन में केवल 272 बंदर ही पकड़े हैं। इसके बाद अभियान को बंद कर दिया है। इस दौरान करीब 80 हजार रुपये खर्च हो चुका है। जबकि नगर के विभिन्न स्थानों में बंदरों का आतंक अभी भी बरकरार है। लोगों का कहना है कि कई मोहल्लों में बंदरों का आतंक अभी भी कम नहीं हुआ है और बंदर अभी भी लगातार घरों में आ रहे हैं।
बीते छह जुलाई को पालिका ने बंदर पकड़ने का अभियान शुरू किया था। मथुरा से पहुंची टीम ने पालिका के निर्देशन में नगर के विभिन्न स्थानों में पिंजरा भी लगाया। कुछ स्थानों में बंदर पकड़े गए जबकि जहां बंदर पकड़ में नहीं आए उन जगहों पर दोबारा पिंजरा नहीं लगाया गया।
इन 12 दिनों में केवल 272 बंदर पकड़कर पालिका ने बुधवार को अभियान बंद कर दिया है। पालिका का कहना है कि बंदर अब पकड़ में नहीं आ रहे हैं इसलिए अभियान को फिलहाल बंद कर दिया गया है। जबकि हकीकत यह है कि बंदरों की संख्या अभी भी कम नहीं हुई है। लोगों ने यह भी शिकायत की है कि पालिका ने पकड़े गए बंदरों को जिले के आसपास के जंगलों में ही छोड़ दिया। हालांकि पालिका इस बात से इंकार कर रही है।
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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी श्याम सुंदर ने बताया कि बंदर पकड़ में नहीं आ रहे थे इसलिए अभियान को फिलहाल बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए 212 बंदरों को दूर जंगल में छोड़ दिया गया है। जबकि करीब 60 बंदरों को एनटीडी स्थिति बधियाकरण केंद्र में रखा गया है।
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बीते छह जुलाई को पालिका ने बंदर पकड़ने का अभियान शुरू किया था। मथुरा से पहुंची टीम ने पालिका के निर्देशन में नगर के विभिन्न स्थानों में पिंजरा भी लगाया। कुछ स्थानों में बंदर पकड़े गए जबकि जहां बंदर पकड़ में नहीं आए उन जगहों पर दोबारा पिंजरा नहीं लगाया गया।
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इन 12 दिनों में केवल 272 बंदर पकड़कर पालिका ने बुधवार को अभियान बंद कर दिया है। पालिका का कहना है कि बंदर अब पकड़ में नहीं आ रहे हैं इसलिए अभियान को फिलहाल बंद कर दिया गया है। जबकि हकीकत यह है कि बंदरों की संख्या अभी भी कम नहीं हुई है। लोगों ने यह भी शिकायत की है कि पालिका ने पकड़े गए बंदरों को जिले के आसपास के जंगलों में ही छोड़ दिया। हालांकि पालिका इस बात से इंकार कर रही है।
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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी श्याम सुंदर ने बताया कि बंदर पकड़ में नहीं आ रहे थे इसलिए अभियान को फिलहाल बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए 212 बंदरों को दूर जंगल में छोड़ दिया गया है। जबकि करीब 60 बंदरों को एनटीडी स्थिति बधियाकरण केंद्र में रखा गया है।