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ांच सरकारें बदल गई कोई नहीं कर सका निदेशक की तैनाती
Updated Mon, 23 Oct 2017 10:47 PM IST
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अल्मोड़ा। राज्य में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तमाम दावे और घोषणाएं होती रहती हैं, लेकिन हकीकत यह है कि अल्मोड़ा में स्थित कुमाऊं के एकमात्र राजकीय संग्रहालय में निदेशक का पद राज्य बनने से पहले से ही खाली पड़ा है। अब तक पांच सरकारें बदल चुकी हैं, लेकिन किसी के भी शासन में निदेशक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। जिससे लोक संस्कृति को संरक्षित करने की तमाम योजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। यही नहीं संस्कृति विभाग के अधीन अल्मोड़ा में कुमाऊं स्तरीय क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी का पद भी छह साल से खाली पड़ा है।
अल्मोड़ा में राजकीय संग्रहालय की स्थापना 1979 में हो गई थी। कुमाऊं मंडल के इस एकमात्र संस्थान में तीन हजार से अधिक मूर्तियां, महत्वपूर्ण सिक्के, पेंटिंग आदि समेत कई कृतियां सहेज कर रखी गई हैं, लेकिन इस संस्थान की शुरू से ही उपेक्षा होती रही है। संस्थान में निदेशक का पद 1997 से खाली पड़ा है। राज्य बनने के बाद से अब पांचवीं सरकार सत्ता में आ गई है, लेकिन कोई भी सरकार संग्रहालय में पूर्ण कालिक निदेशक की तैनाती करने में विफल रही है। बताया जाता है कि इस पद को विभाग से पदोन्नति करके भरा जाना है, लेकिन तकनीकी कारणों से पदोन्नति का मसला लंबे समय से लटका हुआ है। यह मुद्दा कई बार उठता रहता है और जनप्रतिनिधि और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारी पद जल्द भरे जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। निदेशक का पद खाली रहने से संग्रहालय के प्रबंधन पर असर पड़ना स्वाभाविक है।
यही नहीं अल्मोड़ा में स्थित संस्कृति विभाग की एक अन्य संस्था क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई पर कुमाऊं के पुरातत्व धरोहरों की देखरेख की जिम्मेदारी है लेकिन इस संस्था के भी क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी का पद 2011 से खाली है। फिलहाल इस पद पर भी काम चलाऊ व्यवस्था चल रही है।
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अल्मोड़ा में राजकीय संग्रहालय की स्थापना 1979 में हो गई थी। कुमाऊं मंडल के इस एकमात्र संस्थान में तीन हजार से अधिक मूर्तियां, महत्वपूर्ण सिक्के, पेंटिंग आदि समेत कई कृतियां सहेज कर रखी गई हैं, लेकिन इस संस्थान की शुरू से ही उपेक्षा होती रही है। संस्थान में निदेशक का पद 1997 से खाली पड़ा है। राज्य बनने के बाद से अब पांचवीं सरकार सत्ता में आ गई है, लेकिन कोई भी सरकार संग्रहालय में पूर्ण कालिक निदेशक की तैनाती करने में विफल रही है। बताया जाता है कि इस पद को विभाग से पदोन्नति करके भरा जाना है, लेकिन तकनीकी कारणों से पदोन्नति का मसला लंबे समय से लटका हुआ है। यह मुद्दा कई बार उठता रहता है और जनप्रतिनिधि और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारी पद जल्द भरे जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। निदेशक का पद खाली रहने से संग्रहालय के प्रबंधन पर असर पड़ना स्वाभाविक है।
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यही नहीं अल्मोड़ा में स्थित संस्कृति विभाग की एक अन्य संस्था क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई पर कुमाऊं के पुरातत्व धरोहरों की देखरेख की जिम्मेदारी है लेकिन इस संस्था के भी क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी का पद 2011 से खाली है। फिलहाल इस पद पर भी काम चलाऊ व्यवस्था चल रही है।
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