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ढाई वर्ष बाद भी अस्तित्व में नहीं आई ध्याड़ी उपतहसील
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अल्मोड़ा। शासनादेश जारी होने के ढाई साल बाद भी ध्याड़ी उपतहसील अस्तित्व में नहीं आ सकी है। इससे क्षेत्र के लोगों में सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों के एक शिष्टमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। उन्होंने मुख्यमंत्री से जल्द ध्याड़ी उप तहसील खोलने की मांग की है।
20 अक्तूबर 2016 को ध्याड़ी उपतहसील स्थापित करने की अधिसूचना जारी हुई। अधिसूचना के मुताबिक उपतहसील में 33 गांवों को शामिल किया जाना था। ताकि क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक और राजस्व संबंधी सुविधाएं ध्याड़ी में ही मिल सकें। पर अधिसूचना जारी हुए ढाई वर्ष से अधिक समय बीत गया है पर ध्याड़ी उप तहसील अस्तित्व में नहीं आ सकी है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से जल्द ध्याड़ी उप तहसील की स्थापना करने की मांग की है। एडीएम से मिले शिष्टमंडल में ग्राम पंचायत अनोली के प्रधान महेश चंद्र सिंह, गणेश सिंह अधिकारी, सुरेंद्र सिंह कफलिया, शंकर सिंह, आनंद सिंह, भूपेंद्र सिंह, बालम सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश जोशी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संजय वाणी शामिल थे।
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20 अक्तूबर 2016 को ध्याड़ी उपतहसील स्थापित करने की अधिसूचना जारी हुई। अधिसूचना के मुताबिक उपतहसील में 33 गांवों को शामिल किया जाना था। ताकि क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक और राजस्व संबंधी सुविधाएं ध्याड़ी में ही मिल सकें। पर अधिसूचना जारी हुए ढाई वर्ष से अधिक समय बीत गया है पर ध्याड़ी उप तहसील अस्तित्व में नहीं आ सकी है।
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ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से जल्द ध्याड़ी उप तहसील की स्थापना करने की मांग की है। एडीएम से मिले शिष्टमंडल में ग्राम पंचायत अनोली के प्रधान महेश चंद्र सिंह, गणेश सिंह अधिकारी, सुरेंद्र सिंह कफलिया, शंकर सिंह, आनंद सिंह, भूपेंद्र सिंह, बालम सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश जोशी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संजय वाणी शामिल थे।
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