{"_id":"5b1ebc144f1c1bb06e8b779a","slug":"155-recruits-made-part-of-army","type":"story","status":"publish","title_hn":"155 रिक्रूट बने सेना का हिस्सा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
155 रिक्रूट बने सेना का हिस्सा
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Mon, 11 Jun 2018 11:44 PM IST
विज्ञापन
परेड की सलामी लेते सीएम रावत।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सेना के प्रख्यात सोमनाथ मैदान में कदम-कदम बढ़ाए जा की स्वर लहरियों और बैंड की धुनों के बीच कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र के 155 रिक्रूट शपथग्रहण के बाद सेना का अंग बन गए। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने परेड की सलामी ली। पहली बार सेना के शपथ ग्रहण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने नव प्रशिक्षित जवानों का हौसला बढ़ाया।
सोमवार को मजखाली हेलीपैड पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत सीधे सेना के सोमनाथ मैदान पहुंचे। यहां उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए। इसके बाद मैदान पर केआरसी के रिक्रूटों का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस दौरान केआरसी के कर्नल आफ द रेजीमेंट ले. जनरल बीएस शेरावत और कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर भी मौजूद थे। इसके बाद धर्मगुरु गिरीश चंद्र ने बारी-बारी से रिक्रूटों को शपथ दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि रही है। जवानों ने 34 हफ्ते का कठिन प्रशिक्षण प्राप्त किया है जो कि तपस्या से कम नहीं है। कहा कि कुमाऊं और नागा रेजीमेंट का गौरवशाली इतिहास रहा है। सिपाही हो या अधिकारी सभी ने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च कार्य किए हैं। नव प्रशिक्षित जवान भी सीमाओं की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान से पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन