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सरकार के फैसले जनता और कार्मिकों पर भारी
Updated Tue, 06 Jun 2017 10:13 PM IST
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सरकार के फैसले जनता और कार्मिकों पर भारी
अल्मोड़ा। सरकार के फैसले जनता और कार्मिकों पर भारी पड़ रहा है। शासन ने गत माह पालिका अल्मोड़ा के अधिशासी अधिकारी का तबादला पिथौरागढ़ कर दिया। पिथौरागढ़ के अधिशासी अधिकारी का अल्मोड़ा स्थानांतरण हुआ था, लेकिन पिथौरागढ़ के ईओ न्यायालय के स्टे पर पिथौरागढ़ में ही कार्यरत हैं। ऐसी स्थिति में अल्मोड़ा से स्थानांतरित हुए अधिशासी अधिकारी को शासन ने 24 दिन बाद भी कहीं नियुक्ति नहीं दी है। वहीं अल्मोड़ा पालिका में अधिशासी अधिकारी नहीं होने से पालिका के कार्यों पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
मालूम हो कि शासन ने नगर पालिका अल्मोड़ा के अधिशासी अधिकारी एके वर्मा का मई में पिथौरागढ़ तबादला कर दिया था। अल्मोड़ा से 15 जून को वर्मा पिथौरागढ़ को रिलीव हो गए और उन्होंने चार्ज ले लिया था। पिथौरागढ़ के अधिशासी अधिकारी खीमानंद जोशी के सेवानिवृत्ति का करीब एक वर्ष ही बचा है। उन्होंने न्यायालय की शरण ली और उन्हें स्टे मिल गया। न्यायालय के स्टे के बाद 16 जून से पिथौरागढ़ पालिका में खीमानंद जोशी ईओ पद पर कार्यरत हैं।
परंतु अल्मोड़ा के ईओ वर्मा के स्थानांतरित होने के 23 दिन बाद भी शासन ने उन्हें किसी भी स्थान पर नियुक्त नहीं दी है। स्थानांतरण के बावजूद उनकी तैनाती अधर में लटकी हुई है और वह इधर-उधर चक्कर काटने को मजबूर हैं, वहीं अल्मोड़ा पालिका में सरकार ने अब तक किसी की भी अधिशासी अधिकारी की नियुक्त नहीं की है। हालांकि कर निरीक्षक को ईओ का चार्ज दिया गया है। अधिशासी अधिकारी को निकायों की नियमावली की जानकारी होती है। ईओ की तैनाती नहीं होने से पालिका परिषद के शासन, विभागों और जनता से पत्राचार समेत अन्य कार्यों प्रभावित हो रहे हैं। बरसात का सीजन चल रहा है। ऐसी स्थिति में भी शासन अल्मोड़ा नगर के प्रति उदासीन बना हुआ है। इधर पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने बताया कि खाली चल रहे अधिशासी अधिकारी के पद तैनाती की मांग शहरी विकास विभाग देहरादून से कर चुके हैं, लेकिन ईओं की तैनाती अब तक नहीं हुई है।
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अल्मोड़ा। सरकार के फैसले जनता और कार्मिकों पर भारी पड़ रहा है। शासन ने गत माह पालिका अल्मोड़ा के अधिशासी अधिकारी का तबादला पिथौरागढ़ कर दिया। पिथौरागढ़ के अधिशासी अधिकारी का अल्मोड़ा स्थानांतरण हुआ था, लेकिन पिथौरागढ़ के ईओ न्यायालय के स्टे पर पिथौरागढ़ में ही कार्यरत हैं। ऐसी स्थिति में अल्मोड़ा से स्थानांतरित हुए अधिशासी अधिकारी को शासन ने 24 दिन बाद भी कहीं नियुक्ति नहीं दी है। वहीं अल्मोड़ा पालिका में अधिशासी अधिकारी नहीं होने से पालिका के कार्यों पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
मालूम हो कि शासन ने नगर पालिका अल्मोड़ा के अधिशासी अधिकारी एके वर्मा का मई में पिथौरागढ़ तबादला कर दिया था। अल्मोड़ा से 15 जून को वर्मा पिथौरागढ़ को रिलीव हो गए और उन्होंने चार्ज ले लिया था। पिथौरागढ़ के अधिशासी अधिकारी खीमानंद जोशी के सेवानिवृत्ति का करीब एक वर्ष ही बचा है। उन्होंने न्यायालय की शरण ली और उन्हें स्टे मिल गया। न्यायालय के स्टे के बाद 16 जून से पिथौरागढ़ पालिका में खीमानंद जोशी ईओ पद पर कार्यरत हैं।
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परंतु अल्मोड़ा के ईओ वर्मा के स्थानांतरित होने के 23 दिन बाद भी शासन ने उन्हें किसी भी स्थान पर नियुक्त नहीं दी है। स्थानांतरण के बावजूद उनकी तैनाती अधर में लटकी हुई है और वह इधर-उधर चक्कर काटने को मजबूर हैं, वहीं अल्मोड़ा पालिका में सरकार ने अब तक किसी की भी अधिशासी अधिकारी की नियुक्त नहीं की है। हालांकि कर निरीक्षक को ईओ का चार्ज दिया गया है। अधिशासी अधिकारी को निकायों की नियमावली की जानकारी होती है। ईओ की तैनाती नहीं होने से पालिका परिषद के शासन, विभागों और जनता से पत्राचार समेत अन्य कार्यों प्रभावित हो रहे हैं। बरसात का सीजन चल रहा है। ऐसी स्थिति में भी शासन अल्मोड़ा नगर के प्रति उदासीन बना हुआ है। इधर पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने बताया कि खाली चल रहे अधिशासी अधिकारी के पद तैनाती की मांग शहरी विकास विभाग देहरादून से कर चुके हैं, लेकिन ईओं की तैनाती अब तक नहीं हुई है।
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