{"_id":"5caf83fdbdec22147057b861","slug":"141555006461-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एरोली के ग्रामीणों को मनाने में सफल रहा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एरोली के ग्रामीणों को मनाने में सफल रहा प्रशासन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रोड नहीं तो वोट नहीं का एलान करने वाले एरोली के ग्रामीणों को आखिरकार प्रशासन मनाने में सफल रहा। दरअसल एरोली के ग्रामीणों ने कुछ दिन पहले रोड के लिए मतदान के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को तीन किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर रानीखेत आना पड़ता है।
बता दें कि एरोली गांव के ग्रामीण लंबे समय से सड़क के लिए संघर्षरत हैं, लेकिन आज तक वहां के लिए सड़क नहीं बनी है। ग्रामीणों का कहना था कि एरोली के ग्रामीण तीन किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर रानीखेत बाजार आते हैं, जबकि नगर से लगा हुआ यह गांव है।
जनप्रतिनिधियों ने हमेशा ही मोटर मार्ग निर्माण को लेकर गुमराह किया है। इस बार उन्होंने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने का एलान किया था। इधर गत दिनों प्रशासन ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर ग्रामीणों को मतदान के लिए रजामंद किया। संयुक्त मजिस्ट्रेट नरेंद्र भंडारी ने बताया कि उन्होंने नायब तहसीलदार के नेतृत्व में वहां टीम भेजी थी, फिलहाल ग्रामीणों को मतदान के लिए मना लिया गया है।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान जगदीश बिष्ट ने कहा कि ग्रामीणों ने मतदान किया है, लेकिन सड़क के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। जीतने वाले सांसद के सम्मुख भी इस समस्या को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा। क्षेत्रीय विधायक से भी वार्ता होगी। सड़क के लिए हर संभव संघर्ष किया जाएगा।
विज्ञापन
बता दें कि एरोली गांव के ग्रामीण लंबे समय से सड़क के लिए संघर्षरत हैं, लेकिन आज तक वहां के लिए सड़क नहीं बनी है। ग्रामीणों का कहना था कि एरोली के ग्रामीण तीन किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर रानीखेत बाजार आते हैं, जबकि नगर से लगा हुआ यह गांव है।
विज्ञापन
जनप्रतिनिधियों ने हमेशा ही मोटर मार्ग निर्माण को लेकर गुमराह किया है। इस बार उन्होंने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने का एलान किया था। इधर गत दिनों प्रशासन ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर ग्रामीणों को मतदान के लिए रजामंद किया। संयुक्त मजिस्ट्रेट नरेंद्र भंडारी ने बताया कि उन्होंने नायब तहसीलदार के नेतृत्व में वहां टीम भेजी थी, फिलहाल ग्रामीणों को मतदान के लिए मना लिया गया है।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान जगदीश बिष्ट ने कहा कि ग्रामीणों ने मतदान किया है, लेकिन सड़क के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। जीतने वाले सांसद के सम्मुख भी इस समस्या को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा। क्षेत्रीय विधायक से भी वार्ता होगी। सड़क के लिए हर संभव संघर्ष किया जाएगा।