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इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीज रहे परेशान
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अल्मोड़ा। सोमवार को स्थानीय अवकाश के चलते सरकारी अस्पताल जल्द बंद हो गए और देर से पहुंचने वाले मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर जो मरीज सुबह समय पर पहुंचे उनमें भी कुछ ही मरीजों का इलाज हो सका क्योंकि जिला अस्पताल के अधिकांश डाक्टर कुछ दिन के लिए अवकाश पर चले गए हैं। जिससे अधिकांश मरीजों को वापस जाना पड़ा या प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े।
जिला अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक 177 ओपीडी हुई। इनमें भी अधिकांश मरीज डाक्टर नहीं होने से परेशान रहे जबकि कुछ मरीज काफी देर से अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक अस्पताल बंद हो चुका था। कर्नाटक खोला निवासी 60 वर्षीय विद्या गुरुरानी ने बताया कि वह हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए पहुंची हैं लेकिन अस्पताल पहले ही बंद हो गया।नौगांव जमराड़ी निवासी कुंदन सिंह ने बताया कि वह 70 वर्षीय बुजुर्ग पिता शेर सिंह का एक्सरे करवाने समय पर अस्पताल पहुंच गए थे। एक्सरे कक्ष के संचालक ने 12 बजे से पहले ही यह कहकर उन्हें लौटा दिया कि अस्पताल बंद हो रहा है अब एक्सरे नहीं होगा।
दरअसल जिलाधिकारी द्वारा सोमवार को एक दिन का स्थानीय अवकाश घोषित किया था। जिससे अस्पताल दोपहर 12 बजे ही बंद हो गए। दूर दराज क्षेत्रों से इलाज के लिए पहुंचे अधिकांश मरीजों को अस्पताल जल्द बंद होने की सूचना नहीं थी और इलाज नहीं हो पाने से उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी। बाद में कई मरीजों ने प्राइवेट अस्पतालों में जाकर इलाज कराया। जबकि कई वापस लौट गए। अस्पताल में सोमवार को ईएनटी सर्जन, फिजिशियन के नहीं होने से भी मरीजों को परेशानी हुई। अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट पारिवारिक कारणों से 31 दिसंबर तक अवकाश पर गई हैं। मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बेस अस्पताल जाना पड़ा। इसके अलावा फिजिशियन मंगलवार तक और ईएनटी सर्जन 30 दिसंबर तक अवकाश पर हैं। इधर जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. प्रकाश वर्मा ने बताया कि कुछ डाक्टर अवकाश पर हैं और सोमवार को स्थानीय अवकाश के चलते अस्पताल आधे दिन ही खुला रहा।
जिला अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक 177 ओपीडी हुई। इनमें भी अधिकांश मरीज डाक्टर नहीं होने से परेशान रहे जबकि कुछ मरीज काफी देर से अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक अस्पताल बंद हो चुका था। कर्नाटक खोला निवासी 60 वर्षीय विद्या गुरुरानी ने बताया कि वह हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए पहुंची हैं लेकिन अस्पताल पहले ही बंद हो गया।नौगांव जमराड़ी निवासी कुंदन सिंह ने बताया कि वह 70 वर्षीय बुजुर्ग पिता शेर सिंह का एक्सरे करवाने समय पर अस्पताल पहुंच गए थे। एक्सरे कक्ष के संचालक ने 12 बजे से पहले ही यह कहकर उन्हें लौटा दिया कि अस्पताल बंद हो रहा है अब एक्सरे नहीं होगा।
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दरअसल जिलाधिकारी द्वारा सोमवार को एक दिन का स्थानीय अवकाश घोषित किया था। जिससे अस्पताल दोपहर 12 बजे ही बंद हो गए। दूर दराज क्षेत्रों से इलाज के लिए पहुंचे अधिकांश मरीजों को अस्पताल जल्द बंद होने की सूचना नहीं थी और इलाज नहीं हो पाने से उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी। बाद में कई मरीजों ने प्राइवेट अस्पतालों में जाकर इलाज कराया। जबकि कई वापस लौट गए। अस्पताल में सोमवार को ईएनटी सर्जन, फिजिशियन के नहीं होने से भी मरीजों को परेशानी हुई। अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट पारिवारिक कारणों से 31 दिसंबर तक अवकाश पर गई हैं। मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बेस अस्पताल जाना पड़ा। इसके अलावा फिजिशियन मंगलवार तक और ईएनटी सर्जन 30 दिसंबर तक अवकाश पर हैं। इधर जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. प्रकाश वर्मा ने बताया कि कुछ डाक्टर अवकाश पर हैं और सोमवार को स्थानीय अवकाश के चलते अस्पताल आधे दिन ही खुला रहा।
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