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संघर्ष समिति ने पालिका में शामिल करने का विरोध किया
Updated Mon, 19 Mar 2018 11:28 PM IST
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अल्मोड़ा। डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव ने पालिका में शामिल करने के विरोध में ग्रामीणों की आपत्तियां सुनी। ग्रामीण संघर्ष समिति ने सीमावर्ती गांवों को पालिका में मिलाए जाने का विरोध किया। समिति ने चेताया है कि यदि पुन: इन क्षेत्रों को पालिका में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा तो चुनाव बहिष्कार के साथ ही उच्च न्यायालय की शरण ली जाएगी।
ग्रामीणों का कहना था कि उच्च न्यायालय के आदेशानुसार सरकार द्वारा जारी की गई नई अधिूसचना आधी अधूरी है। उन्होंने कहा कि पालिका द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट में गाटा संख्या, गौचर, पनघट, कृषि भूमि, वन पंचायत की भूमि का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। सिर्फ गांवों की जनसंख्या और क्षेत्रफल इंगित किया गया है। यदि जबर्दस्ती सीमावर्ती गांवों को पालिका परिषद में मिलाया गया तो ग्रामीण पुन: उच्च न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे। समिति के अध्यक्ष महंत योगीसुंदर नाथ, प्रधान खगमरा रंजना टम्टा, दुगालखोला की प्रधान मीरा देवी, एमएस अल्मियां, प्रधान संगठन के अध्यक्ष हरीश कनवाल, देवेंद्र सिंह, एनएच दशौनी, महेश चंद्र, रीता आर्या आदि थे। इसके अलावा ग्राम पंचायत दुगालखोला, पांडेखोला, खगमराकोट, अथरबाडी, गरगूंठ, न्यू इंद्रा कालोनी खत्याड़ी, रैलापाली सहित नगर पालिका परिषद चिलियानौला (रानीखेत) के लोगों ने अपनी आपित्तयां तथा सुझाव दर्ज कराए। डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि इन आपत्तियों का निस्तारण कर जन सुनवाई करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इस मौके पर संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत हिमांशु खुराना, अपर जिला पंचायतराज अधिकारी संजय कनवाल, नगर पालिका ईओ श्याम सुंदर प्रसाद, संजय कनवाल, प्रशासनिक अधिकारी खीमानंद जोशी, बसंत बल्लभ पांडे आदि थे।
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ग्रामीणों का कहना था कि उच्च न्यायालय के आदेशानुसार सरकार द्वारा जारी की गई नई अधिूसचना आधी अधूरी है। उन्होंने कहा कि पालिका द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट में गाटा संख्या, गौचर, पनघट, कृषि भूमि, वन पंचायत की भूमि का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। सिर्फ गांवों की जनसंख्या और क्षेत्रफल इंगित किया गया है। यदि जबर्दस्ती सीमावर्ती गांवों को पालिका परिषद में मिलाया गया तो ग्रामीण पुन: उच्च न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे। समिति के अध्यक्ष महंत योगीसुंदर नाथ, प्रधान खगमरा रंजना टम्टा, दुगालखोला की प्रधान मीरा देवी, एमएस अल्मियां, प्रधान संगठन के अध्यक्ष हरीश कनवाल, देवेंद्र सिंह, एनएच दशौनी, महेश चंद्र, रीता आर्या आदि थे। इसके अलावा ग्राम पंचायत दुगालखोला, पांडेखोला, खगमराकोट, अथरबाडी, गरगूंठ, न्यू इंद्रा कालोनी खत्याड़ी, रैलापाली सहित नगर पालिका परिषद चिलियानौला (रानीखेत) के लोगों ने अपनी आपित्तयां तथा सुझाव दर्ज कराए। डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि इन आपत्तियों का निस्तारण कर जन सुनवाई करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इस मौके पर संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत हिमांशु खुराना, अपर जिला पंचायतराज अधिकारी संजय कनवाल, नगर पालिका ईओ श्याम सुंदर प्रसाद, संजय कनवाल, प्रशासनिक अधिकारी खीमानंद जोशी, बसंत बल्लभ पांडे आदि थे।
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