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बंदरों के बधियाकरण का काम अब एक माह और खिसका

Sun, 18 Feb 2018 10:43 PM IST
Updated Sun, 18 Feb 2018 10:43 PM IST
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बंदरों के बधियाकरण का काम अब एक माह और खिसका
बंदर - फोटो : demo pic
अल्मोड़ा। फरवरी मध्य में होने वाले बंदरों के बधियाकरण का काम अब एक माह और और अटक गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार पशु चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं होने और हरिद्वार से मंगाए गए 15 पिंजरे नहीं पहुंचने से बधियाकरण की कार्रवाई में देर हो रही है। हालांकि एनटीडी में प्रस्तावित आपरेशन थियेटर और उपकरण योजना के तहत वन विभाग को मिले 50 लाख रुपयों में से शेड बनाने का काम पूरा हो गया है।
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परेशानी का सबब बन चुके बंदरों के बधियाकरण में कोई न कोई रोड़ा आ ही जा रहा है। कभी प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं तो कभी बजट नहीं, लेकिन देर से ही सही नगर के एनटीडी में प्रस्तावित आपरेशन थियेटर और उपकरण के लिए वन विभाग को डेढ़ करोड़ रुपये में से 50 लाख रुपयेे प्राप्त हो गए थे। जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि जल्द ही बंदरों को पकड़ने और उनके बधियाकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन इस बार पशुपालन विभाग की ओर से डाक्टर उपलब्ध नहीं होने और हरिद्वार में बधियाकरण क्षेत्र से करीब 15 पिंजरे नहीं आ पाने से इस कार्य में देरी हो रही है।
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जबकि सिविल सोयम वन विभाग ने पुराने आपरेशन थियेटर में ही बंदरों की नसबंदी का काम शुरू करने की कार्रवाई की तैयारी कर दी है। मालूम हो कि बंदरों की बढ़ती संख्या और उसके आतंक से शहर और ग्रामीण क्षेत्र के लोग परेशान हो गए हैं।
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खासकर काश्तकारों की फसलों को बंदरों द्वारा नुकसान पहुंचाया जा रहा है। दिसंबर जनवरी में कृषि विभाग द्वारा इन दिनों चलाई जा रही कृषि चौपाल में भी ग्रामीण जंगली जानवरों और बंदरों द्वारा फसलों और फलदार वृक्षों को नुकसान पहुंचाने की शिकायतें कर रहे हैं। बावजूद इसके कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घरों में घुसने के अलावा कटखने बंदरों द्वारा स्कूली बच्चों और लोगों को नुकसान भी पहुंचाया जा रहा है।


इधर डीएफओ सिविल सोयम आरसी शर्मा का कहना है कि डॉक्टरों की उपलब्धता नहीं होने और हरिद्वार से पिंजरे नहीं आने के कारण बंदरों को पकड़ने का काम शुरू नहीं हो पाया। डॉक्टरों के संबंध में पशुपालन विभाग के निदेशक को डॉक्टर उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है। जल्द ही पिंजरे भी जिला मुख्यालय पहुंच जाएंगे। मार्च मध्य के आसपास यह काम शुरू हो जाएगा।
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